द फॉलोअप डेस्क
प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने सोमवार को विधानसभा में पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता और मुख्य सचिव अविनाश कुमार के बीच मोबाइल पर हुई बातचीत के सार्वजनिक होने का मुद्दा उठाया। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि एक आईएएस और आईपीएस अधिकारी के बीच हुई बातचीत को टेप किया गया और वह पिछले कुछ दिनों से मार्केट में घूम रहा है। उन्होंने स्पीकर से कहा कि यह सामान्य घटना नहीं है। उन्होंने कहा कि एक आईएएस और आईपीएस अधिकारी बातचीत कर रहे हैं तो टेप किसने किया। फिर उसे सार्वजनिक रूप से वायरल किसने किया। इसकी जांच होनी चाहिए। दोषी अधिकारी पर कार्रवाई होनी चाहिए।

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अगर एक सीनियर आईएएस और सीनियर आईपीएस अधिकारी के बीच की बातचीत टेप होती है तो न मुख्यमंत्री सुरक्षित रह पाएंगे और ना ही स्पीकर साहब आप। सदन में बैठे मंत्री भी सुरक्षित नहीं रह पाएंगे। हम लोगों की तो बिसात ही नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मामला काफी गंभीर है। संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने दो वरीय अधिकारियों के बीच की बातचीत का टेप सरकार के पास नहीं है। अगर प्रतिपक्ष के नेता उन्हें टेप उपलब्ध कराते हैं तो सरकार निश्चित रूप से इसे संज्ञान में लेगी और आवश्यक कार्रवाई भी करेगी। इस पर तत्काल बाबूलाल मरांडी ने कहा कि आज तो वह टेप लेकर नहीं आए हैं, कल वह निश्चित रूप से संसदीय कार्यमंत्री को टेप उपलब्ध करा देंगे।
