द फॉलोअप डेस्क
राजधानी रांची सहित राज्य के कई जिलों में कुख्यात अपराधी प्रिंस खान का आतंक बढ़ता जा रहा है। शनिवार को झारखंड विधानसभा में इस मामले पर विपक्ष ने सरकार से तीखे सवाल पूछे और सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई। गैंग्स ऑफ वासेपुर से जुड़ा प्रिंस खान दुबई और आसपास के क्षेत्रों से अपने गुर्गों के जरिए अपराध चला रहा है। उसके गुर्गों द्वारा रांची के टीटोस होटल में गोलियां चलाने और एक कर्मचारी की हत्या करने की घटना ने राज्य में दहशत फैला दी। इसके अलावा, बोकारो और चतरा के व्यवसायियों से रंगदारी की कई घटनाएं सामने आई हैं।नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सदन में कहा कि पिछले एक साल में लगभग 60 घटनाओं में गुंडागर्दी और रंगदारी की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पुलिस दस प्रमुख अपराधियों पर सख्ती से कार्रवाई करे तो चाहे वह अपराधी पाकिस्तान में ही क्यों न बैठा हो, आगे रंगदारी मांगने की हिम्मत नहीं होगी।
बीजेपी विधायक रागिनी सिंह, मनोज यादव और राज सिन्हा ने भी प्रिंस खान के अपराध और सुरक्षा की कमज़ोरी पर सवाल उठाए। रागिनी सिंह ने आरोप लगाया कि राजनीति और पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से प्रिंस खान को बचाया गया। प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सदन में कहा कि प्रिंस खान पर रेड कॉर्नर नोटिस जारी है। उसके गुर्गों पर एनकाउंट कार्रवाई की जा रही है और प्रत्यर्पण की पहल भी शुरू की गई है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन अपराधियों को पकड़ने और सजा दिलाने में लगातार सक्रिय हैं। हाल ही में धनबाद में गुर्गों के खिलाफ एनकाउंटर कार्रवाई भी की गई। झारखंड में अपराध और रंगदारी का यह मामला विधानसभा में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है। विपक्ष ने सुरक्षा में गंभीरता की कमी पर सवाल उठाए हैं और सरकार ने कार्रवाई जारी रहने का आश्वासन दिया है।