जमशदेपुर:
Jharkhand News: जमशेदपुर (Jamshedpur) के सोनारी मरीन ड्राइव स्थित बिंदल मॉल के उडुपी रेस्टोरेंट में 26 सितंबर को हुई ताबड़तोड़ फायरिंग (Bindal Mall firing) महज दहशत फैलाने की घटना नहीं थी, बल्कि डोमिनिक सैमसन (Dominic Samson) की हत्या की साजिश के तहत शूटरों को सुपारी देकर कराई गयी थी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि रेलवे ठेका, रंगदारी और जमीन को लेकर पुरानी रंजिश के चलते डोमिनिक को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गयी थी। इस साजिश में शामिल 4 आरोपियों को गठित SIT ने छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सरगुजा जिले के मणिपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में सीतारामडेरा निवासी शंकर मुंडा, परसुडीह निवासी रमेश कुमार शर्मा उर्फ टीटू शर्मा, मनोज कुमार सरकार और बिरसानगर निवासी दीपू कुमार ओझा शामिल हैं। सभी को ट्रांजिड रिमांड पर पुलिस जमशेदपुर लेकर पहुंची थी। बुधवार को पूछताछ पूरी करने के बाद चारों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

चारों आरोपी हिस्ट्रीशीटर हैं
वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब (SSP Dr. Ehtesham Waqarib) ने बताया कि चारों का आपराधिक इतिहास रहा है और पूछताछ में उन्होंने फायरिंग की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार की है। एसएसपी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि आरोपियों का डोमिनिक सैमसन के साथ चक्रधरपुर और खड़गपुर रेल मंडल में रेलवे ठेके से जुड़े मामलों को लेकर विवाद चल रहा था। इसके अलावा डोबो में जमीन को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच विवाद था। रेलवे ठेके और जमीन के विवाद ने धीरे-धीरे पुरानी रंजिश का रूप ले लिया। इसी रंजिश में डोमिनिक की हत्या की साजिश रची गयी और शूटरों को वारदात के लिए लगाया गया।
कुल 12 राउंड गोलियां चली थी
पुलिस की जांच के अनुसार साजिशकर्ताओं ने शूटरों के ठहरने, आने-जाने और वारदात के लिए जरूरी संसाधनों की व्यवस्था की थी। 26 सितंबर की दोपहर करीब 1.30 बजे डोमिनिक सैमसन अपने परिचित रिजवान दिलशान उर्फ दानिश और कृष्णा चौधरी के साथ बिंदल मॉल स्थित उडुपी रेस्टोरेंट में खाना खा रहा था। इसी दौरान 3 अपराधी वहां पहुंचे। इनमें से दो रेस्टोरेंट के अंदर घुसे और डोमिनिक व उसके साथ मौजूद लोगों को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार करीब 12 राउंड गोलियां चलाईं गयीं। गोली लगने से डोमिनिक सैमसन, रिजवान दिलशान उर्फ दानिश और कृष्णा चौधरी घायल हो गये। तीनों को इलाज के लिए टीएमएच में भर्ती कराया गया था।
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चारों अपराधी अलग-अलग भागे
वारदात के बाद अपराधियों ने भागने के लिए अलग-अलग रास्ता अपनाया। पुलिस के अनुसार शूटर बाइक से डोबो के रास्ते चांडिल की ओर निकल गये। वहीं मनोज सरकार, टीटू शर्मा, शंकर मुंडा और दीपू ओझा कार से छत्तीसगढ़ की ओर रवाना हुए। पुलिस ने पीछा करते हुए चारों को छत्तीसगढ़ में गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से खोखे, पिलेट और खून के नमूने बरामद किये थे। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने फायरिंग में शामिल शूटरों की पहचान की। पुलिस के अनुसार घटना को अंजाम देने वाले शूटरों को पहचान कर की गयी है, सभी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
पुलिस ने कार और फोन बरामद किया
पुलिस ने आरोपियों के पास से भागने में इस्तेमाल सफेद रंग की मारुति अर्टिगा कार संख्या 1H05 EA 7928 और छह एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किये हैं। बरामद मोबाइल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस साजिश की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। सोनारी थाना में इस संबंध में कांड संख्या 80/2026, दिनांक 26 सितंबर 2026 को दर्ज किया गया था। चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस की जांच जारी है। एसआइटी अब शूटरों तक हथियार पहुंचाने वाले लोगों, वारदात में शामिल अन्य आरोपियों और पूरी साजिश के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि डोमिनिक की हत्या के लिए सुपारी किस स्तर पर तय हुई थी और हथियारों की व्यवस्था किसने की थी।