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अवैध निर्माण के नियमितिकरण करने की योजना राजस्व बढ़ाने के लिए नहीं, जनता को लाभ पहुंचाने के लिए- विनय चौबे

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द फॉलोअप डेस्क
राज्य के नगर निकायों में अभी भी लाखों घर अनाधिकृत निर्माण की श्रेणी में हैंमुख्यमंत्री के निदेश के आलोक में राज्य सरकार वैसे परिवारों के हित में अनाधिकृत निर्माण को नियमितिकरण करने के लिए योजना 2022 (2023) का प्रारूप तैयार किया गया है यह बातें नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे ने कही। दरअसल 10 अप्रैल 2023 को रांची स्मार्ट सिटी सभागार, धुर्वा, में नगर विकास एवं आवास विभाग के तत्वाधान में राज्य के नगर निकायों में अनाधिकृत निर्माण को नियमितिकरण करने के लिए योजना 2022 ( 2023) के प्रारूप के अंतिमीकरण हेतु हितधारकों के साथ एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता करते हुए विनय चौबे ने कहा कि आम जनता के साथ ही अन्य हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किया गया है। इस योजना का लाभ राजस्व बढ़ाने के लिए नहीं है अपितु जनता को लाभ देने के लिए है। सचिव ने सभी प्रतिभागियों से योजना को और प्रभावशाली बनाने के लिए सुझाव हेतु आग्रह किया एवं यथासंभव योजना प्रारूप में यदि सुधार की आवश्यकता होगी तो उसे किया जाएगा।

जनहित में प्रक्रिया को करें सरल- संजय सेठ
सांसद संजय सेठ ने कार्यशाला में रांची नगर निगम क्षेत्र के वैसे परिवारों का मुद्दा उठाया जिनका निर्माण अनाधिकृत है। मगर नियमितिकरण के लिए अनेक दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। सांसद ने नगर विकास एवं आवास विभाग से आग्रह किया कि जनहित में प्रक्रिया को और सरल किया जाए। वहीं, कार्यशाला में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ आर्किटेक्ट, झारखंड चैप्टर के चेयरमैन संदीप झा के द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तृत रूप से योजना के प्रारूप के विभिन्न बिन्दुओं पर अपना सुझाव दिया गया। योजना में लाभुक को स्व:घोषणा के माध्यम से घर के क्षेत्रफल को मान्यता दिया जाना, शहरी क्षेत्र के साथ ही आरआरडीए, माडा एवं ग्रामीण क्षेत्र के अनाधिकृत निर्माण के नियमितिकरण के लिए विचार किया जाए। सड़क की चौड़ाई के मापदंड को कम किया जाए।

शंकाओं को किया गया दूर
कार्यशाला में विभिन्न हितधारकों के सुझावों पर निदेशक, नगरीय प्रशासन निदेशालय श्री आदित्य कुमार आनंद एवं नगर विकास एवं आवास विभाग के मुख्य नगर निवेशक गजानंद राम ने मार्गदर्शन दिया। उनके शंकाओं का समाधान किया। बताते चलें कि राज्य सरकार द्वारा 2011 एवं 2019 में भी अनाधिकृत निर्माण को नियमितिकरण करने के लिए योजना लाई गई थी। वर्तमान में निदेशक, नगरीय प्रशासन निदेशालय की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा पुनः योजना का प्रारूप तैयार किया गया है जिसके अंतिमीकरण के क्रम में  हितधारकों के साथ सुझाव की मांगग के साथ विषय वस्तु पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई। कार्यशाला में कांके विधायक समरी लाल, रांची नगर निगम के उप महापौर संजीव विजयवर्गीय, नगर आयुक्त धनबाद नगर निगम, विशेष पदाधिकारी, जमशेदपुर अक्षेस, नगरीय प्रशासन निदेशालय के सहायक निदेशक शैलेश प्रियदर्शी, क्रेडाई के सचिव कुमुद झा, झारखंड चेंबर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष किशोर मंत्री, राज्य के विभिन्न निकायों के टाउन प्लानर एवं अन्य हितधारकों की भागीदारी रही। सभी ने अपने बहुमूल्य सुझाव दिए।

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