द फॉलोअप डेस्क
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में विधायक राजेश कश्यप के अल्प सूचित सवाल पर मंत्री चमरा लिंडा ने स्वीकार किया कि ट्राइबल सब प्लान की राशि का विचलन हो रहा है। कल्याण विभाग को मिलने वाली राशि का तो विचलन नहीं होता क्योंकि वह केंद्र से शर्तों के साथ राशि मिलती है। लेकिन अन्य विभागों को मिलने वाली राशि का विचलन हो रहा है। मसलन टीएसपी की राशि से पूर्व में हाथी भी उड़ाया गया। चमरा लिंडा ने कहा कि कानून के अभाव में यह गड़बड़ी हो रही है। सरकार की इच्छा है कि आंध्र प्रदेश हिमाचल और अन्य राज्यों में बने कानून का अध्ययन कर झारखंड में भी आदिवासियों के हित में टीसपी की राशि का विचलन ना हो। इसके लिए कानून बनाया जाए उन्होंने राजेश कश्यप को दूसरे राज्यों में बने कानून का अध्ययन के लिए साथ चलने का भी आग्रह किया। यहां मालूम हो कि ट्राइबल सब प्लान की राशि को जनजातीय क्षेत्रों में उनके विकास पर खर्च करने का प्रावधान है लेकिन 26 अन्य विभागों को आने वाली इस मद की राशि को अन्य क्षेत्रों पर भी खर्च कर दिया जा रहा है। राजेश कच्छप ने सरकार से ट्राइबल सब प्लान के लिए 26% राशि कर्नाकित करने की मांग की क्योंकि राज्य में सेंट की आबादी 26 फ़ीसदी है।
