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नियम विरुद्ध प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों में नामांकन लेनेवाले अभ्यर्थियों को सरकार ने दी राहत

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द फॉलोअप डेस्क
राज्य के विभिन्न प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों द्वारा पूर्व में नामांकित अभ्यर्थियों को राज्य सरकार ने राहत देने का फैसला किया है। इसके लिए मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में तय नियमों को एक बार क्षांत (शिथिल) करने का फैसला लिया गया है। इस फैसले से वैसे छात्र जो झारखंड संयुक्त प्रतियोगिता प्रवेश परीक्षा पर्षद(JCECEB) के द्वारा काउंसिलिंग के आधार पर नहीं, सीधे प्राइवेट नर्सिंग कॉलजों द्वारा नामांकित कर लिए गए थे, उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति मिल सकेगी। जानकारी के अनुसार निजी नर्सिंग कॉलेजों द्वारा अपनी संस्था को तकनीकी मान्यता नहीं मिलने तथा कतिपय अन्य अनियमितताओं के बावजूद नर्सिंग कोर्स में नामांकन ले लिया था। इस कारण झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नॉलोजी (जेयूटी) द्वारा उनकी परीक्षा नहीं ली जा रही थी। ऐसे नामांकित अभ्यर्थियों की वर्षों से परीक्षा नहीं हो पा रही थी। अब राज्य सरकार द्वारा छूट दिए जाने के बाद वे परीक्षा में बैठ सकेंगे और नर्सिंग की डिग्री प्राप्त कर सकेंगे। निकाय चुनाव को लेकर जारी आचार संहिता के कारण आज कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णय की प्रेस ब्रीफिंग नहीं की गयी। लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुल 22 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गयी। एक को स्थगित कर दिया गया। इनमें लगभग एक दर्जन फैसले कोर्ट के आदेश से जुड़े थे।


अब नेतरहाट आवासीय विद्यालय में नियुक्तियां जेपीएससी या जेएसएससी करेगी
राज्य सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में नेतरहाट आवासीय विद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों की नियुक्ति संबंधी नियमावली में बड़ा बदलाव किया है। यह बदलाव इसलिए किया गया क्योंकि 2010 में नेतरहाट विद्यालय को दी गयी स्वायतता के बाद स्कूल का रिजल्ट लगातार खराब होता जा रहा था। देश का प्रीमियर इंस्टीट्युट होने के बाद भी यहां बच्चे फेल करने लगे थे। तीन साल पहले विद्यालय का एक छात्र केमेस्ट्री की परीक्षा में फेल कर गया था। पूर्व में नियुक्ति का अधिकार एक्स चेयरमैन को था, जो सभापति होते थे। सभापति कोई एक्स नेतरहाटीयन हुआ करता था। इसके लिए कोई योग्यता निर्धारित नहीं थी। लेकिन अब सभापति के लिए योग्यता निर्धारित कर दी गयी है। अब इस पद पर नियुक्ति के लिए कला, संस्कृति, विज्ञापन, प्रबंधन या कई अन्य क्षेत्रों में 10 वर्ष का अनुभव जरूरी होगा। यह भी बदलाव किया गया है कि अब विद्यालय के प्राचार्य, उप प्राचार्य, शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मियों की नियुक्ति जेपीएससी या जेएसएससी के माध्यम से होगी। यहां मालूम हो कि राज्य सरकार ने लगभग डेढ़ महीने पहले नेतरहाट आवासीय विद्यालय संचालन नियमावली को भी स्वीकृति दी थी। उसमें चार बॉडी का गठन किया गया था। एपेक्स बॉडी मुख्यमंत्री, जेनरल बॉडी विभागीय मंत्री, तीसरा कार्यकारिणी समिति सभापति की अध्यक्षता में गठित करने का प्रावधान किया गया है। यहां सभापति अब एक्स नेतरहाटीयन होंगे, लेकिन उनके लिए योग्यता निर्धारित कर दी गयी है। और चौथा विद्यालय प्रबंध समिति का गठन किया गया है।


अबुआ आवास का निर्माण क्षेत्र के लोगों के रहन-सहन के अनुरूप होगा
कैबिनेट की बैठक में चाईबासा क्षेत्र में अबुआ आवास निर्माण संबंधी प्रस्ताव भी रखा गया। इसमें एसबेस्टस और सीट से निर्माण की बात कही गयी थी। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को स्थगित करते हुए ग्रामीण विकास विभाग को नये सिरे से प्रस्ताव देने का निर्देश दिया है। उसमें उस क्षेत्र के लोगों के रहन सहन को ध्यान में रखते हुए अबुआ आवास निर्माण की प्रक्रिया निर्धारित करने की बात कही गयी है। सीएम ने कहा कि खपड़ा, टाइल्स या उस क्षेत्र में पाए जानेवाले भवन निर्माण संबंधी मैटेरियल का उपयोग अबुआ आवास के निर्माण किया जाए। साथ ही उसकी खरीददारी की जाए।


साइंस सिटी के विकास पर 255 करोड़ की स्वीकृति
कैबिनेट की बैठक में साइंस सिटी के विकास पर 255 करोड़ के खर्च की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी। इसके अलावा मनोहरपुर में उधनबारेगा से धानापल्ली तक 11 किलोमीटर सड़क सहित अन्य दो सड़कों के निर्माण की स्वीकृति दी गयी।


 

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