द फॉलोअप, रांची
झारखंड के उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में ₹4,013.53 करोड़ का ऐतिहासिक राजस्व संग्रह कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि पिछले ₹2,700 करोड़ के रिकॉर्ड से कहीं अधिक है, जो राज्य की वित्तीय मजबूती और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था को दर्शाती है। मंत्री योगेन्द्र प्रसाद ने इस उपलब्धि को खुद से ज्यादा विभागीय टीम की मेहनत का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसी तरह की पारदर्शी और सुदृढ़ व्यवस्था के माध्यम से राज्य के विकास और जनकल्याण के लिए संसाधन जुटाए जाते रहेंगे।

वैसे इस बड़ी सफलता को राज्य के आबकारी मंत्री योगेन्द्र प्रसाद के कुशल नेतृत्व को भी दिया जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में विभाग ने पारदर्शिता, कड़ी निगरानी और तकनीकी सुधारों पर विशेष जोर दिया, जिससे राजस्व संग्रह में अभूतपूर्व वृद्धि संभव हो सकी। मंत्री के निर्देश पर अवैध शराब के खिलाफ राज्यभर में सख्त अभियान चलाया गया। छापेमारी, निगरानी और समन्वित कार्रवाई के जरिए अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया, जिससे राजस्व में हो रहे नुकसान को काफी हद तक रोका गया। डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम के उपयोग से शराब की आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया। उत्पादन से लेकर बिक्री तक हर चरण की निगरानी से जवाबदेही बढ़ी और गड़बड़ियों की संभावनाएं कम हुईं। इसके अलावा, नई आबकारी नीति के तहत लाइसेंस शुल्क और कर प्रणाली में सुधार कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाया गया, जिससे राजस्व में और बढ़ोतरी हुई।
