द फॉलोअप डेस्क
जामताड़ा प्रखंड सभागार में माँझी परगाना सरदार महासभा की जिला कोर कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला अध्यक्ष सुनील कुमार हांसदा की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में संगठन की मजबूती और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 10 और 11 अप्रैल को दो दिवसीय जिला स्तरीय सम्मेलन का भव्य आयोजन किया जाएगा।
जिला सम्मेलन को सफल बनाने के लिए महासभा ने पहले प्रखंड स्तर पर सम्मेलनों के आयोजन का निर्णय लिया है। इसके पूर्व सभी पंचायतों में बैठकें पूरी की जाएंगी। तय कार्यक्रम के अनुसार, 17 मार्च को कुंडहित प्रखंड, 19 मार्च को फतेहपुर प्रखंड, 22 मार्च को जामताड़ा प्रखंड और 30 मार्च को नाला प्रखंड में सम्मेलन आयोजित होंगे। नारायणपुर एवं करमाटांड़ प्रखंड की तिथियां जल्द ही घोषित की जाएंगी। बैठक में संरक्षक सह राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक सुनील कुमार बास्की ने कहा कि जिला सम्मेलन के माध्यम से सांगठनिक ढांचे का पुनर्गठन किया जाएगा। इस सम्मेलन का मुख्य लक्ष्य सामाजिक कुरीतियों को दूर करना और बुद्धिजीवियों व कानूनी विशेषज्ञों के साथ आदिवासी हितों पर विस्तृत विमर्श करना है। महासभा ने स्पष्ट किया है कि समाज के हक और सम्मान के लिए उनका आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।
बैठक के दौरान कई प्रमुख मुद्दों और मांगों पर चर्चा की गई। इनमें पेसा (PESA) कानून की त्रुटियों में सुधार, संताल सिविल रूल्स 1946 और संताल परगना जस्टिस रेगुलेशन 1893 का प्रभावी क्रियान्वयन प्रमुख हैं। इसके साथ ही माँझी, पारानीक, जोगमांझी, गोडित और नाईकी जैसे पारंपरिक पदधारकों के लिए सम्मान राशि की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई। इस महत्वपूर्ण अवसर पर लॉबीर बैसी माँझी बाबा हराधन मुर्मू, सेवानिवृत्त शिक्षक लेबेन हांसदा, माँझी बाबा महादेव हांसदा, सीताराम मुर्मू, जामताड़ा प्रखंड अध्यक्ष नाजिर सोरेन, प्राणिक परेश मराण्डी, शिवलाल मुर्मू, अरुण टुडू, मनोहरी हेम्ब्रम, दरोगा मुर्मू, जितेन्द्र टुडू, लासेरसाल परेशनाथ सोरेन और श्यामलाल टुडू सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित थे।
