द फॉलोअप डेस्क
जामताड़ा जिले में नारायणपुर प्रखंड का कासीटॉड हॉल्ट विकास की मुख्यधारा से कटा हुआ है. यह गोविंदपुर–साहिबगंज नेशनल हाईवे से महज 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. इसके बावजूद यहां यहां जर्जर सड़क और आवागमन की असुविधा ने व्यापार और स्थानीय रोजगार की कमर तोड़ दी है. ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में भारी अनियमितता के आरोप लगाए हैं. ग्रामीण अर्जुन रवानी ने बताया कि 15 सितंबर 2019 को वर्तमान मंत्री इरफान अंसारी द्वारा सड़क की मरम्मत का शिलान्यास किया गया था. हैरानी की बात यह है कि जिस सड़क को बनने में तीन साल लगे, वह उद्घाटन के मात्र छह महीने के भीतर ही उखड़ गई.
हाईवे से हॉल्ट को जोड़ने वाली सड़क की हालत इतनी खस्ता है कि महज 4 किलोमीटर का सफर तय करने में लोगों को 20 मिनट से अधिक का समय लग जाता है. सड़क पर बने गहरे गड्ढे और संकीर्णता के कारण सामने से वाहन आने पर यातायात पूरी तरह बाधित हो जाता है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि इसी बदहाली के कारण यात्री कासीयाटॉड हॉल्ट आने के बजाय जामताड़ा स्टेशन जाना बेहतर समझते हैं.
बता दें यह मार्ग केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय महत्व का भी है. ग्रामीण सुरेश रवानी और संजय मरांडी के अनुसार, रोजाना सैकड़ों मजदूर पश्चिम बंगाल के कुल्टी और रूपनारायणपुर औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने के लिए इसी रास्ते का उपयोग करते हैं. बरसात के दिनों में सड़क तालाब का रूप ले लेती है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं. अब क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए ग्रामीणों ने एकजुट होकर मांग की है कि सड़क का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराया जाए. हॉल्ट के पास यात्रियों के बैठने के लिए शेड बनाये जाए और नियमित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए सड़क का चौड़ीकरण किया जाए.