द फॉलोअप डेस्क
जामताड़ा से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर सोनबाद के पास एनएच-419 पर बना पुलिया पिछले छह महीनों से अधर में लटका हुआ है। यह पुलिया जामताड़ा को धनबाद से जोड़ने के साथ-साथ दर्जनों गांवों के लोगों के लिए जीवन रेखा साबित होता था। इसी पुलिया से होकर ग्रामीण सदर अस्पताल, जामताड़ा मुख्यालय और बच्चों के स्कूल-कॉलेज जाया करते थे।
करीब छह महीने पहले पुलिया का निर्माण कार्य शुरू किया गया और पुराने पुल को तोड़ दिया गया। फिलहाल आवागमन के लिए पुलिया के बगल से मिट्टी भरकर अस्थायी रास्ता बनाया गया, लेकिन बरसात के मौसम में यह अस्थायी व्यवस्था बार-बार बाधित हो रही है। मिट्टी बह जाने से आए दिन वाहन फंस जाते हैं और लोगों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ती है।
स्थानीय ग्रामीणों ने ठेकेदार द्वारा घटिया गुणवत्ता और लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध भी किया था। ग्रामीणों के विरोध के बाद ठेकेदार काम छोड़कर फरार हो गया, जिससे पुलिया का निर्माण पूरी तरह ठप है। इस वजह से दर्जनों गांवों के लोगों की आवाजाही संकट में पड़ी हुई है।
शुक्रवार को भी इसी अस्थायी रास्ते पर एक स्कूल वाहन फंस गया, जिससे बच्चों को गाड़ी से उतरना पड़ा और ग्रामीणों की मदद से वाहन को बाहर निकाला गया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, लेकिन अब तक विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार इस मुद्दे को उठाने के बावजूद न तो पुलिया का निर्माण पूरा किया गया और न ही अस्थायी रास्ते को सही तरीके से दुरुस्त किया गया। लोगों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर निर्माण कार्य को पूरा कराने की मांग की है।