द फॉलोअप, रांची
झारखंड में स्वैच्छिक रक्तदान को संस्थागत स्वरूप देने और सभी जिलों में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और सिविल सर्जनों को पत्र जारी कर प्रत्येक जिले में ब्लड डोनेशन अवेयरनेस एंड मॉनिटरिंग कमेटी (BDAMC) के गठन का निर्देश दिया है। यह कदम झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में उठाया गया है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग और राज्य रक्ताधान परिषद को स्वैच्छिक रक्तदान के माध्यम से 100 प्रतिशत रक्त संग्रह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक बुलाने का भी निर्देश दिया है।

पत्र में कहा गया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार किसी जिले की वार्षिक रक्त आवश्यकता उसकी कुल आबादी का लगभग 1 प्रतिशत होती है। वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य में 3.68 लाख से अधिक यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जिसमें स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों से 1.27 लाख यूनिट रक्त मिला। हालांकि जिलों के बीच रक्त संग्रह में असमानता को देखते हुए एक समन्वित व्यवस्था की जरूरत महसूस की गई है।
कमेटी की अध्यक्षता संबंधित जिले के उपायुक्त करेंगे, जबकि उपाध्यक्ष उप-विकास आयुक्त होंगे। समिति में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, रक्त केंद्रों, जनसंपर्क विभाग, आईएमए और अन्य संबंधित हितधारकों को शामिल किया जाएगा। समिति की बैठक प्रत्येक माह के पहले सप्ताह में अनिवार्य रूप से होगी। इसके अलावा रक्त की उपलब्धता, थैलेसीमिया और सिकल सेल मरीजों के लिए नियमित आपूर्ति, रक्त की गुणवत्ता की निगरानी, रक्तदान शिविरों का वार्षिक व मासिक कैलेंडर तैयार करने, eRaktKosh पोर्टल की समीक्षा तथा रक्तदान के व्यापक प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी भी समिति को सौंपी गई है।
