द फॉलोअप डेस्क
केंद्र सरकार के पेयजल स्वच्छता विभाग ने 15 वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक केंद्रीय वित्त मंत्रालय को झारखंड सरकार को लगभग 411 करोड़ का टायड फंड रिलीज करने की अनुशंसा की है। दिलचस्प यह है कि 30 मार्च को यह राशि रिलीज करने की अनुशंसा की गयी है। 31 मार्च को अगर केंद्र सरकार ने राशि रिलीज नहीं की तो यह राशि लैप्स भी कर सकती है। क्योंकि 15 वें वित्त आयोग का कार्यकाल 31 मार्च को ही समाप्त हो रहा है। यह अलग बात है कि अगर 31 मार्च को केंद्र सरकार ने यह राशि रिलीज कर दी तो फिर यह लैप्स नहीं करेगा। इस राशि का उपयोग ग्राम पंचायत, प्रखंड और जिला परिषदों द्वारा पेयजल उपलब्ध कराने और स्वच्छता पर किया जाना है।

केंद्र सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रथम किस्त की 405.30 करोड़ के विरुद्ध कुल 405.30 करोड़ की राशि स्वीकृत करते हुए पूरी राशि रिलीज करने की अनुशंसा की गयी है। इस राशि में 75 फीसदी ग्राम पंचायतों द्वारा, 15 फीसदी प्रखंड कमेटियों और 10 फीसदी जिला परिषद द्वारा खर्च किया जाना है। इसी तरह 2024-25 की रोकी गयी प्रथम किस्त की 415.50 करोड़ की राशि के विरुद्ध बकाया 2.66 करोड़ और दूसरी किस्त की 415.50 करोड़ की राशि के विरुद्ध बकाया 2.66 करोड़ की राशि को भी रिलीज करने की अनुशंसा की गयी है। कुछ पंचायती राज संस्थाओं द्वारा समय पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं किए जाने के कारण इस राशि को रोक दिया गया था
