गुमला:
भाजपा ने JSSC-JPSC भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच और छात्रों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग को लेकर गुमला में गुरुवार को डीसी ऑफिस परिसर में धरना प्रदर्शन किया। पूर्व राज्यसभा सांसद समीर उरांव, पूर्व लोकसभा ससांसद सुदर्शन भगत और विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष दिनेश उरांव और पूर्व विधायक कमलेश उरांव की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने समाहरणालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया।

सभी जिलों में भाजपा का चरणबद्ध आंदोलन
भाजपा ने JPSC-JSSC की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी, धांधली और अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा कि JSSC-CGL, 11वीं-13वीं और 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा समेत अन्य परीक्षाओं में बरती गई कथित अनियमितता की सीबीआई जांच की मांग की। भाजपा नेताओं ने कहा कि सीआईडी जांच से कभी सच सामने नहीं आएगा। रांची के जयपाल सिंह मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में 26 दिन तक चले छात्र आंदोलन के दौरान छात्र-छात्राओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग भी की गई।
भाजपा ने कहा कि सरकार को छात्रों पर कार्रवाई करने की जगह शांति से बैठकर उनकी समस्या और चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए।

भर्ती परीक्षाओं में धांधली और गड़बड़ी का आरोप
गौरतलब है कि 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में ओएमआर शीट के साथ छेड़छाड़ करके कुछ अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने की बात सामने आई थी। सरकार ने मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी और परीक्षा को रद्द भी कर दिया। इस बीच छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जमा हुए और सरकार के सामने 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के अलावा बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, JSSC-CGL और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा को रद्द करने की मांग की। भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच की भी मांग की गई। छात्र आंदोलन के बीच 17 अगस्त को हेमंत सरकार ने 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द कर दिया। 17 भर्ती परीक्षाओं की जांच सीआईडी को सौंप दिया और 6 भर्ती परीक्षाओं को स्थगित कर दिया।
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इन 2 परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला रुका
सीडीपीओ और 14वीं जेपीएससी भर्ती परीक्षा के अलावा JSSC-CGL और फूड सेफ्टी ऑफिसर की भर्ती परीक्षाओं को भी रद्द कर दिया गया था। हालांकि, JSSC-CGL और खाद्य सुरक्षा अधिकारी की भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी। हालांकि, CGL की जांच जारी है।
भाजपा ने सरकार को दिया था अल्टीमेटम
आंदोलन के बीच छात्रों ने विधानसभा घेराव का कार्यक्रम किया था। इस दौरान हल्की झड़प और पुलिस की तरफ से हल्का बलप्रयोग किया गया था। भाजपा का आरोप है कि कई छात्र-छात्राओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस उनको धमका रही है। छात्रों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने के लिए भाजपा ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था और मियाद पूरी होने पर सभी जिलों में चरणबद्ध आंदोलन को आह्वान किया था। आज गुमला में उसी सिलसिले में धरना प्रदर्शन किया।
गुमला जिला समाहरणालय परिसर में जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बाड़ा और जिला परिषद अध्यक्ष शकुंतला उरांव के साथ जिला परिषद उपाध्यक्ष संयुक्ता देवी के साथ बीजेपी जिलाध्यक्ष सागर उरांव सहित कई लोग शामिल हुए।इन लोगों से फॉलोअप संवाददाता ने बातचीत कर उनके आंदोलन की जानकारी ली।