जमशेदपुर
टाटानगर रेलवे स्टेशन की वाशिंग लाइन में करंट से झुलसे टेक्नीशियन आशीष माझी की मौत के बाद मंगलवार शाम स्टेशन परिसर के बाहर जमकर हंगामा हुआ। मृतक के परिजन और स्थानीय लोगों ने आश्रित को नौकरी तथा मुआवजा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। स्थिति बिगड़ने पर रेल पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। दरअसल, पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर सीधे टाटानगर स्टेशन पहुंचे और रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गये। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी दी जाये। इस दौरान परिजन शव के साथ स्टेशन परिसर में प्रवेश करना चाह रहे थे, लेकिन रेल पुलिस ने उन्हें स्टेशन के पास ही रोक दिया।

एक सप्ताह तक जीवन और मौत से संघर्ष
काफी देर तक समझाने-बुझाने के बावजूद जब लोग नहीं माने तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसके बाद रेल पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को हटाने का प्रयास किया। लाठीचार्ज के दौरान कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और भगदड़ की स्थिति बन गयी। हंगामे के कारण यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि लाठीचार्ज के बाद भी परिजन और स्थानीय लोग शव के साथ स्टेशन परिसर के बाहर डटे रहे। बताया जाता है कि 30 मई को वंदे भारत एक्सप्रेस के रैक में तकनीकी कार्य के दौरान आशीष माझी करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया था। इलाज के लिए पहले उसे सदर अस्पताल और बाद में टीएमएच में भर्ती कराया गया था। करीब एक सप्ताह तक जीवन और मौत से संघर्ष करने के बाद शनिवार रात उसकी मौत हो गयी।
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