पोस्ट - बाबूलाल मरांडी
माननीय सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद हिरासत में बंद व्यक्ति को रिहा करने के स्थान पर नई FIR दर्ज कर उसे निरंतर कस्टडी में रखने के प्रयास पर ACB और झारखंड पुलिस की कार्यप्रणाली पर सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी ने हेमंत सरकार में हो रहे पुलिस और ACB के दुरुपयोग का चेहरा उजागर कर दिया है। बताते चलें कि नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पिछले 6 सालों से मुख्यमंत्री अपने घोटालों को छुपाने, छोटे-बड़े राजनीतिक विरोधियों को डराने और फर्ज़ी मुकदमे में फंसाने के लिए ACB, CID एवं झारखंड पुलिस का मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। राज्य में अवैध डीजीपी की नियुक्ति कर इस खेल को अंजाम दिया जा रहा है। ACB को भी भ्रष्टाचारियों के हवाले कर जैसी मर्जी वैसी गलती और ग़ैर क़ानूनी काम करवाया जा रहा है।
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मैं पूरी जिम्मेदारी से इस बात को कह रहा हूं कि पुलिस आज सबसे बड़ा गुंडा बन चुकी है। वर्दी तो पुलिस की पहन रहे हैं, लेकिन काम सारे अपराधी वाला कर रहे हैं। अवैध खनन, रंगदारी, वसूली, जमीन, बालू, पत्थर, शराब का काला धंधा और फर्ज़ी केस मुकदमे जैसे सभी गैरकानूनी काम में पुलिस के अधिकारी संलिप्त हैं।
अब तो सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में भी यह मामला आ चुका है।

सत्ता के प्रभाव में आपराधिक कार्यों में संलिप्त अधिकारियों को समझना होगा कि हेमंत सोरेन जी उन्हें बचाने कोर्ट में नहीं आएंगे। यदि यकीन न हो तो विनय चौबे का ही हश्र देख लें।वक्त जो भी लगे पर हेमंत सोरेन जी के कुकर्मों में सहभागी बने या बने हुए पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कारवाई जाएगी और विधिसम्मत तरीके से उन्हें सजा भी दिलवायी जाएगी। भाजपा इसके लिये संघर्ष जारी रखेगी।