रांची
झारखंड सरकार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ चुटुपालु घाटी स्थित शहीद शेख भिखारी और शहीद टिकैत उमराव सिंह के शहादत स्थल पर पहुंचकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वे ओरमांझी प्रखंड के खटंगा गांव पहुंचे, जहां शहीद टिकैत उमराव सिंह की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर सुदेश महतो ने शहीदों के वंशजों से मुलाकात भी की। उनके साथ पूर्व विधायक डॉ लंबोदर महतो, मुख्य प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत, केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर और हसन अंसारी, महासचिव संजय मेहता तथा जिलाध्यक्ष संजय महतो समेत कई नेता मौजूद थे।
सुदेश महतो ने कहा कि 1857 की क्रांति में झारखंड के वीरों और शहीदों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है, लेकिन राष्ट्रीय इतिहास में इसे वह स्थान नहीं मिला, जिसकी यह हकदार है। उन्होंने कहा कि झारखंड में 1857 के दौरान बागी सैनिकों के साथ आम जनता भी कंधे से कंधा मिलाकर अंग्रेजों के खिलाफ लड़ी थी, लेकिन इन बलिदानों को देशव्यापी पहचान नहीं मिल सकी।

उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने झारखंड के कई वीर सपूतों को जबरन फांसी पर चढ़ा दिया था। ऐसे शहीदों की जीवनी और इतिहास से देश को परिचित कराना आज की आवश्यकता है। मां भारती की स्वतंत्रता, स्वाभिमान और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए दिए गए बलिदान को आजसू पार्टी शत-शत नमन करती है। कार्यक्रम में प्रताप सिंह, ज्ञान सिन्हा, कुमुद बर्मा, ओम बर्मा, हाकिम अंसारी, मुजिबुल अंसारी, जिला परिषद सदस्य पार्वती देवी, सरिता देवी, दिगंबर महतो, परस उरांव, रामधन बेदिया समेत अन्य नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
