द फॉलोअप डेस्क
रविवार को साहिबगंज जिले के राजमहल पहाड़ी क्षेत्र के मंडरो प्रखंड स्थित तारा पहाड़ और गुरमी पहाड़ पर निर्मित जीवाश्म पार्क में गोड्डा के एक एमबीबीएस बायोलॉजी कोचिंग संस्थान के दर्जनों विद्यार्थियों ने शैक्षणिक भ्रमण किया।

विद्यार्थियों को जीवाश्म पार्क का भ्रमण कराते हुए मॉडल कॉलेज, राजमहल के प्राचार्य एवं भूवैज्ञानिक डॉ रणजीत कुमार सिंह ने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को बताया कि करोड़ों वर्ष पूर्व पृथ्वी की उत्पत्ति, जीवन के विकास और पृथ्वी पर हुए भू-वैज्ञानिक परिवर्तनों के प्रमाण इन जीवाश्मों में छिपे हैं। डॉ रणजीत कुमार सिंह ने जानकारी दी कि इस क्षेत्र में भारत के प्रसिद्ध भूवैज्ञानिक डॉ बीरबल साहनी ने करीब 14 प्रकार के जीवाश्म की पहचान की थी। तारा पहाड़ और गुरमी पहाड़ पर बिखरे ये जीवाश्म करोड़ों वर्ष पुराने हैं और इनका निर्माण प्राकृतिक घटनाओं के कारण हुआ।
पार्क में भ्रमण के दौरान बच्चों ने वहां मौजूद म्यूजियम का भी अवलोकन किया, जहां जीवाश्मों से संबंधित नमूनों और जानकारियों को प्रदर्शित किया गया है। लक्ष्मण मुर्मू ने म्यूजियम में मौजूद सामग्री की विस्तार से जानकारी दी। छात्रों ने कई सवाल किए, जिनका उत्तर डॉ रणजीत कुमार सिंह ने विस्तारपूर्वक देकर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया। डॉ रणजीत कुमार सिंह ने बताया कि राजमहल का यह भू-क्षेत्र देश के अन्य हिस्सों की तुलना में जीवाश्मों की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। यह क्षेत्र केवल शोध और अध्ययन के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। देश-विदेश से टूरिस्ट यहां जीवाश्मों और प्राकृतिक सौंदर्य को देखने आते हैं।
छात्रों ने इस भ्रमण के दौरान विशेष उत्साह और रोमांच का अनुभव किया। सभी ने जीवाश्म पार्क के निर्माण और उसे विश्वस्तरीय स्वरूप देने के लिए डॉ रणजीत कुमार सिंह का आभार व्यक्त किया। साथ ही वन विभाग और डीएफओ प्रबल गर्ग को भी धन्यवाद दिया।
इस मौके पर एमबीबीएस बायोलॉजी कोचिंग संस्था के डायरेक्टर सुनील शर्मा,टीम मेम्बर टिंकू कृष्णा निरंजन पंडित,सुजीत भगत,अश्वनी पंजीयारा,सोनू मंडल,पूजा कुमारी,तुलसी कुमारी,रामाशंकर,कविता कुमारी राजाबाबू,धर्मवीर कुमार,कार्तिक कुमार,बसंत कुमार सहित दर्जनों बच्चे शामिल हुए।
