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छात्र ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास में करेंःराज्यपाल

छात्र ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास में करेंःराज्यपाल

द फॉलोअप, रांची
 राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने छात्रों से ज्ञान एवं प्रतिभा का उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास में करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि भारत आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ‘विकसित भारत@2047’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में विश्वविद्यालयों और युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत केवल आर्थिक समृद्धि का लक्ष्य नहीं, बल्कि ज्ञान, विज्ञान, तकनीक, नवाचार, शिक्षा, संस्कृति और मानवीय मूल्यों से सशक्त राष्ट्र की परिकल्पना है। विश्वविद्यालयों में होने वाला शोध, विकसित होने वाले नए विचार और युवाओं की रचनात्मक क्षमता इस संकल्प को साकार करने की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से केवल अवसर तलाशने के बजाय नए अवसर सृजित करने वाला बनने का आह्वान किया। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार आज राँची विश्वविद्यालय, राँची के 39वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं भी दी।


    राज्यपाल ने कहा कि कुलाधिपति के रूप में उनका निरंतर प्रयास रहा है कि राज्य के विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध, पारदर्शिता तथा विद्यार्थियों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता मिले। विश्वविद्यालयों में ऐसा अकादमिक वातावरण विकसित होना चाहिए, जहाँ विद्यार्थी विषयगत ज्ञान के साथ अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता एवं नवाचार की क्षमता को भी विकसित कर सकें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राँची विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध, नवाचार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में अपनी भूमिका को और मजबूत करते हुए उच्च शिक्षा को नई दिशा देने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। राज्यपाल ने राँची विश्वविद्यालय की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि यह झारखण्ड की शैक्षणिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण संस्थान है। विश्वविद्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने के साथ राज्य के सामाजिक एवं बौद्धिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि किसी विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा केवल इस बात से निर्धारित नहीं होती कि वहाँ से कितने विद्यार्थी उपाधि लेकर निकले, बल्कि इस बात से भी होती है कि वहाँ से कितने नए विचार, शोध और सकारात्मक पहल समाज तक पहुँचीं।


    राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि ज्ञान के साथ विवेक और सफलता के साथ संवेदनशीलता को जीवन में स्थान दें। आज सूचना के अनेक स्रोत और विकल्प उपलब्ध हैं, ऐसे में सही विकल्प का चयन तथा अपनी क्षमता का उचित दिशा में उपयोग अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कहा कि जीवन की परिस्थितियाँ हमेशा हमारी योजनाओं के अनुरूप नहीं होतीं। सफलता में विनम्रता और असफलता में धैर्य बनाए रखते हुए अपनी गलतियों से सीखना तथा लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहना ही आगे बढ़ने का मार्ग है। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा एवं तकनीक को अपनाते हुए अपनी संस्कृति, परंपराओं एवं मानवीय मूल्यों से जुड़े रहना आवश्यक है। आधुनिकता प्रगति की गति देती है, जबकि हमारी संस्कृति और मूल्य हमें सही दिशा प्रदान करते हैं। इन दोनों के संतुलन से ही विकास अधिक सार्थक एवं स्थायी बनता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में व्यक्तिगत उपलब्धियों के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को भी सदैव प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि उनकी वास्तविक पहचान उनके कार्य, चरित्र, ईमानदारी, क्षमता और समाज के प्रति जिम्मेदारी से बनेगी।

Tags - Ranchi University Chancellor Santosh Kumar Gangwar calls upon students