logo

JSSC : रौंदे जा रहे छात्रों के सपने, अब उत्पाद सिपाही परीक्षा की CBI जांच ही अंतिम विकल्पः भाजपा

rajbhawan2.jpg

द फॉलोअप डेस्क, रांची:


प्रदेश भाजपा का शीर्ष शिष्टमंडल मंगलवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मिलकर JSSC द्वारा 12 अप्रैल को ली गयी उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा की सीबीआई जांच कराने का आग्रह किया है। भाजपा ने कहा है कि छात्रों के सपनों को बेरहमी से कूचला जा रहे हैं। छात्रों के भविष्य नीलाम किए जा रहे हैं। झारखंड के माथे पर ‘पेपर लीक’ का यह कोई पहला काला दाग नहीं है। हेमंत सरकार के पूर्व व वर्तमान कार्यकाल में आयोजित परीक्षाओं में हुई कथित गड़बडियों की एक लंबी फेहरिस्त है।  

आदित्य साहू ने कहा कि सरकार नौकरियां नहीं दे रही, बल्कि खुलेआम युवाओं का भविष्य नीलाम कर रही है। जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा का पेपर लीक पूर्व में हो चुका है। यह पूर्व में ही खुलासा हो चुका है कि नेपाल, राँची, हजारीबाग, और राँची के मंत्री रेजिडेंस, नियामतपुर व अन्य जगहों पर प्रश्नों के उत्तर रटवाये गये थे।

उत्पाद सिपाही परीक्षा की CBI जांच ही अंतिम विकल्प!

विडम्बना है कि JSSC CGL पेपर लीक प्रकरण में जिन अधिकारियों और शिक्षकों ने साहस दिखाते हुए भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया था, सीआईडी की गाज उन पर ही गिर चुकी है। जिन्होंने सबूतों के साथ घोटाले को उजागर किया, उन्हें गिरफ्तार किया गया, जबकि असली दोषी खुलेआम घूमते रहे हैं। पूर्व में पेपर लीक की जांच कर रही CID की पूरी टीम को जांच के दौरान दो बार बदला गया। राज्य सरकार के इन्हीं सभी रवैये के कारण आशंका बलबती होती है कि कहीं न कहीं, सरकार और प्रशासन के संरक्षण में युवाओं और छात्रों के सपनों को रौंदने वाले गिरोह फल-फूल रहे हैं। हद तो यह है कि यहां मैट्रिक की परीक्षा का भी पेपर लीक हो गया है। इस कारण जैक को साइंस और हिंदी का पेपर तक रद्द करना पड़ा है. इसलिए अब सीबीआई जांच ही अंतिम विकल्प है।

जेएसएसपी पर लगाया लीतापोती का आरोप

राज्यपाल को सौंपे गये ज्ञापन में कहा गया है कि जेएसएससी और प्रशासन अपनी नाकामी छुपाने के लिए अलग कहानी गढ़ रहा है। पूर्व के प्रतियोगी व अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक की घटना को देखते हुए इस संभावना से कतई इनकार नहीं किया सकता है। जो स्थिति है कि राज्य की पुलिस और एजेंसी से कतई न्याय नहीं मिल सकता है। जब जब लोकभवन और हाईकोर्ट का डंडा चलता है तभी सरकार कुंभकर्णी निन्द्रा से जगती है।इसलिए इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाय, इसके लिए सीबीआई के द्वारा इस मामले की उच्च स्तरीय जांच जरूरी है। 

अभ्यर्थियों से 3-3 लाख रुपये की वसूली हुई थी

ज्ञापन में आगे कहा गया है कि तमाड़ के एक निर्माणाधीन भवन में परीक्षा माफियाओं द्वारा प्रश्न पत्र के उत्तर रटवाने सहित अन्य गड़बड़ी करने की बात सामने आई है। इस मामले में 150 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। इस दौरान कंप्यूटर, प्रिंटर, लैपटाॅप, संदिग्ध प्रश्नपत्र, नोट्स, कई गाड़ियों की बरामदगी की बात सामने आ रही है। इतना ही नहीं, बताया तो यह भी जा रहा है कि परीक्षा गैंग द्वारा अभ्यर्थियों के मोबाईल फोन, एडमिट कार्ड भी जब्त कर लिये गये थे। वहीं अभ्यर्थियों से एडवांस के तौर पर चेक भी लेने की बात सामने आ रही है। साथ ही हर अथ्यर्थी से 15-15 लाख रूपये में सौदा तय करने की बात का भी खुलासा हो चुका है। राज्य के 8 जिलों में 370 केन्द्रों पर 583 पदों के लिए यह परीक्षा आयोजित थी। जिसमें 1,48,224 अभ्यर्थी शामिल हो रहे थे। स्वाभाविक है कि जब एक केंद्र पर जब 150 से अधिक गिरफ्तारी हुई है तो शेष केन्द्रों पर भी माफियाओं की टीम सक्रिय रही होगी। निश्चित रूप से उन केन्द्रों पर भी इस प्रकार की गड़बडियों की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। 


भारतीय जनता पार्टी की मुख्य मांग 

1. हाल ही में हुई उत्पाद सिपाही परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले की सीबीआई से उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

2. पेपर लीक में संलिप्त पेपर माफिया, Solver Gang आयोजन एजेंसी एवं संबंधित आयोग (JSSC) के बीच संभावित सांठगांठ की गहन जांच कराई जाए।

3. पुलिस द्वारा चिन्हित Solver Gang के नेटवर्क की जांच अंतर्राज्यीय स्तर पर कर इसके पूरे तंत्र का खुलासा किया जाए।

4. इस अनियमितता से प्रभावित लगभग 3 लाख अभ्यर्थियों के साथ हुए अन्याय को ध्यान में रखते हुए दोषियों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

5. JPSC द्वारा आयोजित परीक्षाओं में भी पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर कार्रवाई की जाए।

6. विगत 6 वर्षों में JSSC एवं JPSC द्वारा आयोजित सभी प्रमुख परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराई जाए ताकि बार-बार हो रही गड़बड़ियों पर स्थायी रोक लग सके।

7. भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृति रोकने हेतु परीक्षा प्रणाली में सख्त एवं पारदर्शी सुधार लागू किए जायें।

Tags - Jharkhand BJP Governor Excise Constable Competitive Exam CBI Investigation Demand Students' Future Messing Up JSSC CGL