द फॉलोअप डेस्क
गुमला जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) ज्ञान शंकर जायसवाल के नेतृत्व में व्यापक अभियान चलाया गया। यह अभियान शहर के दुन्दुरिया बस स्टैंड और डीएवी मोड़ पर संचालित किया गया, जिसमें यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान नाबालिग स्कूली बच्चों द्वारा बिना लाइसेंस और हेलमेट के तेज रफ्तार में बाइक और स्कूटी चलाने के कई मामले सामने आए। डीटीओ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ऐसे वाहनों को जब्त कर लिया। साथ ही पकड़े गए छात्रों के अभिभावकों को मौके पर बुलाकर सख्त चेतावनी दी गई। उन्होंने कहा कि नाबालिगों को वाहन देना कानूनन अपराध है और यह उनके जीवन के लिए भी खतरनाक है।
इस कार्रवाई के दौरान कुल 35,000 रुपये का चालान भी काटा गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। वहीं, दुन्दुरिया बस स्टैंड पर बसों का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान कई बसों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई गई। कुछ वाहनों में अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट-एड बॉक्स मौजूद नहीं थे, जबकि कई बसों के पास फिटनेस, परमिट और प्रदूषण (PUC) प्रमाण पत्र भी नहीं पाए गए। नियमों का उल्लंघन करने वाले कुछ वाहन चालकों को पहली बार गलती मानते हुए कड़ी चेतावनी देकर छोड़ा गया, ताकि वे जल्द ही आवश्यक दस्तावेज और सुरक्षा मानकों को पूरा कर सकें।
अभियान के दौरान डीटीओ ने बस ड्राइवरों और खलासियों के लिए जागरूकता कक्षा भी आयोजित की। इसमें उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए शराब पीकर वाहन नहीं चलाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और ओवरलोडिंग से बचने की सलाह दी। डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकना है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें, अन्यथा भविष्य में और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
