द फॉलोअप डेस्क
सिमडेगा में उपायुक्त कंचन सिंह ने समाहरणालय में जनता दरबार का आयोजन कर ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। जनता दरबार में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी-अपनी शिकायतों और मांगों के साथ उपस्थित हुए। उपायुक्त ने प्रत्येक आवेदन की क्रमवार समीक्षा की और संबंधित आवेदकों से सीधे संवाद कर समस्याओं की विस्तृत जानकारी ली। तत्पश्चात उन्होंने त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिए और आवेदन अग्रसारित किए। जनता दरबार में मुख्य रूप से भूमि विवाद, अबुआ आवास योजना की लंबित किस्त, कोविड-19 ड्यूटी के बकाया भत्ते का भुगतान, दिव्यांग प्रमाण पत्र निर्गत न होना, अनाथ बच्चों के जन्म एवं आधार कार्ड बनवाने, दुकान किराया माफी, विद्युतीकरण, उकौली जाने वाले मुख्य पथ निर्माण, पेयजल और अन्य विषयों से संबंधित समस्याएं सामने आईं।
इसी क्रम में कुरडेग प्रखंड निवासी किशोर किंडो ने अपनी दिव्यांग पुत्री का प्रमाण पत्र बनवाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। उपायुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल संबंधित पदाधिकारी को प्रमाण पत्र निर्गत करने का निर्देश दिया। साथ ही मौके पर ही दिव्यांग बालिका को व्हीलचेयर प्रदान कर मानवीय संवेदनशीलता दिखाई। पीड़ित पिता ने बताया कि वे पिछले 12 वर्षों से अपनी बेटी के इलाज और प्रमाण पत्र के लिए कई बार सिमडेगा सदर अस्पताल, रिम्स रांची और अन्य अस्पतालों का चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन अब तक किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पाया। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त आवेदनों का शीघ्र और पारदर्शी निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। कार्यक्रम में अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र, समाज कल्याण पदाधिकारी सुरज मुन्नी कुमारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
