जामताड़ा:
Plamu News: पलामू जिले के मेदिनीनगर स्थित बैरिया गोदाम में सरकारी खाद्यान्न की भारी कमी का मामला सामने आया है। फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन, झारखंड प्रदेश ने इस मामले में निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। एसोसिएशन के अनुसार, गोदाम में कुल 13,095.247 क्विंटल खाद्यान्न की कमी दर्ज की गई है। इसमें 11,544.947 क्विंटल चावल और 1,550.300 क्विंटल गेहूं शामिल हैं।

खाद्यान्न की कमी पर 5.23 करोड़ रुपये की वसूली का आदेश
एसोसिएशन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, बैरिया गोदाम में खाद्यान्न की कमी के एवज में 5,23,80,988 रुपये की वसूली का आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। इस मामले को गंभीर बताते हुए एसोसिएशन ने वसूली के आदेश के अनुपालन और अब तक हुई कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
.jpeg)
खाद्य आपूर्ति विभाग के सचिव को सौंपा ज्ञापन
फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मोहन प्रसाद भैया और प्रदेश मीडिया प्रभारी देव कुमार साव ने संयुक्त रूप से बताया कि संगठन ने इस मामले को लेकर झारखंड सरकार के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन 20 अक्टूबर 2026 को पत्रांक FPSDA-22 के माध्यम से भेजा गया। एसोसिएशन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार से जल्द हस्तक्षेप करने की अपील की है।
.jpeg)
मई में जारी पत्र के बाद भी कार्रवाई पर सवाल
एसोसिएशन के मुताबिक, झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड, पलामू के जिला प्रबंधक की ओर से 25 मई 2026 को जारी पत्र में खाद्यान्न की कमी का उल्लेख किया गया था। इसके बावजूद, संगठन का कहना है कि निर्धारित राशि की वसूली के आदेश पर अमल और आगे की कार्रवाई के संबंध में स्थिति अब तक स्पष्ट नहीं है। एसोसिएशन ने इस मामले में संबंधित विभाग से जवाबदेही तय करने और कार्रवाई का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है।
.jpeg)
एसोसिएशन ने रखीं पांच प्रमुख मांगें
डीलर एसोसिएशन ने सरकार के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें बैरिया गोदाम में खाद्यान्न की कमी के पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच, 5,23,80,988 रुपये की वसूली के आदेश के अनुपालन की स्थिति सार्वजनिक करना, जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों की जवाबदेही तय करना, सरकारी खाद्यान्न की सुरक्षा और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा जांच के निष्कर्षों के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करना शामिल है।
राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील
एसोसिएशन ने कहा कि यह मामला केवल गोदाम में खाद्यान्न की कमी तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी अनाज की सुरक्षा, वित्तीय जवाबदेही और आम लाभुकों तक समय पर राशन पहुंचाने की व्यवस्था से भी जुड़ा है। संगठन ने खाद्य आपूर्ति विभाग, संबंधित मंत्री और मुख्यमंत्री से इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई करने की अपील की है। एसोसिएशन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई से सरकारी खाद्यान्न वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, भविष्य में इस प्रकार की कथित अनियमितताओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।