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कोर्ट में सरेंडर कर वरीय अधिवक्ता मनोज टंडन ने ली जमानत

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द फॉलोअप डेस्क
झारखंड हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ता मनोज टंडन ने बुधवार को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार सिंह की अदालत में सरेंडर किया। सरेंडर करने के बाद उन्होंने कोर्ट से जमानत देने का आग्रह किया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। दूसरी ओर डोरंडा थाना द्वारा मनोज टंडन की मर्सिडीज गाड़ी को रिलीज करने के कोर्ट के आदेश के विरुद्ध जिला जज अनिल कुमार मिश्रा (नंबर-1) की अदालत में दायर रिवीजन पीटिशन पर भी सुनवाई हुई। पुलिस ने अपने पेटिशन में रिलीज ऑर्डर को खारिज करने का आग्रह किया था। लेकिन कोर्ट ने पेटिशन को डिफेक्ट फ्री नहीं बताते हुए, उस पर सुनवाई नहीं की। अब कोर्ट पुलिस के पेटिशन पर अगली तिथि को सुनवाई करेगा। सुनवाई के दौरान अदालत में भारी भीड़ रही। रांची के ग्रामीण एसपी, ट्रैफिक एसपी समेत आधा दर्जन वरीय पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे।


जिला न्यायाधीश की अदालत में मनोज टंडन ने अपनी ओर से खुद बहस की। उन्होंने कहा कि वह उस दिन अपनी गाड़ी को लेकर नहीं भागते तो उनकी हत्या हो सकती थी। क्योंकि वह युवक उन्हें रोकना चाहता था। साथ ही भीड़ बढ़ रही थी। मालूम हो कि 17 फरवरी को डोरंडा थाना क्षेत्र में मनोज टंडन की मर्सिडीज गाड़ी से एक युवक का मोटर साइकिल टकरा गया था। उसमें उस युवक के मोटर साइकिल का ब्रेक टूट गया था। ब्रेक बनवाने को लेकर मनोज टंडन के साथ उस युवक की काफी नोंक-झोंक हुई थी। फिर मनोज टंडन द्वारा अपनी मर्सिडीज को लेकर भागने के क्रम में वाहन के आगे खड़ा युवक बोनट पर चढ़ गया। बोनट पर चढ़े युवक को लेकर मनोज टंडन अपने आवास तक चले गए। उस क्रम में संयोगवश कोई दुर्घटना नहीं हुई। पहले तो दोनों पक्षों के बीच विवाद सुलझाने की कोशिश हुई। लेकिन बाद में दोनों पक्षों की ओर से थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी गयी। हाईकोर्ट भी इस मामले में मनोज टंडन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस को पीड़क कार्रवाई करने से रोक दिया।

Tags - Jharkhand Senior Advocate Manoj Tandon Surrender Bail Police Revision Petition