द फॉलोअप डेस्क
ओरमांझी थाना क्षेत्र के नीलकमल होटल में अप्रैल 2018 में अवैध शराब की बिक्री को लेकर तत्कालीन एसडीओ अंजली यादव ने छापेमारी की थी। तब 69 बोतलें शराब की जब्त की गई थीं। अवैध रूप से शराब की बिक्री को लेकर की गई कार्रवाई के बाद होटल संचालक बबलू साहू और राजदीप साहू के खिलाफ अवैध शराब बिक्री, सरकारी काम में बाधा डालने समेत कई धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने इस मामले में जांच कर कोर्ट में साक्ष्य भी प्रस्तुत की थी। मगर करीब पांच साल के बाद होटल संचालक पर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए उसे कोर्ट ने बरी कर दिया है। जानकारी के अनुसार पुलिस यह साबित नहीं कर पाई कि छापेमारी में मिली शराब नकली थी। आरोपियों ने सरकारी कार्य में बाधा डाला था। रांची पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी खूब चर्चा हो रही है। बताया गया कि पुलिस जांच की संजीदगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस IAS रैंक की अधिकारी (एसडीओ) ने छापेमारी की थी उन्हें भी इस मामले में गवाह नहीं बनाया गया।

पानी की बोतल में शराब परोसने को लेकर हुई थी कार्रवाई
अवैध रूप से शराब ग्राहकों को परोसने की सूचना पर एसडीओ अंजलि यादव ने ओरमांझी के नीलकमल होटल में पांच साल पहले छापेमारी की थी। तब होटल से 69 बोतल विदेशी शराब और 19 हजार रुपए जब्त किए गए थे। होटल के दो कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया था। इसके साथ एसडीओ ने होटल सील करा दिया था तब घटना के संबंध में एसडीओ अंजलि यादव ने बताया था कि होटल में ग्राहकों को पानी की बोतल में शराब दी जाती थी, ताकि किसी को पता न चले। पुलिस विभाग के एक कर्मचारी को सादे लिबास में ग्राहक बना कर होटल में भेजा गया था। इसके बाद कार्रवाई हुई थी।

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