गढ़वा
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को सदर एसडीएम संजय कुमार द्वारा चलाये जा रहे नियमित साप्ताहिक संवाद कार्यक्रम "कॉफी विद एसडीएम" का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के प्रमुख मिष्ठान विक्रेता शामिल हुए । कार्यक्रम का उद्देश्य आगामी रक्षाबंधन, स्वतंत्रता दिवस, जन्माष्टमी आदि त्योहारों के दौरान मिठाई की संभावित मांग के अनुरूप शुद्ध मिठाइयों की उपलब्धता, मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध जागरूकता और मिष्ठान व्यवसाय से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करना, स्वच्छता, मानक गुणवत्ता आदि पर चर्चा करना था। इस दौरान जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकरी अंजना रानी मिंज और सहायक विवेक तिवारी भी मौजूद थे। एसडीएम ने सम्बंधित व्यापारियों से संवाद करते हुए कहा कि मिठाई सिर्फ स्वाद का विषय नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ा एक अहम पहलू भी है। इसलिए उन्होंने सभी विक्रेताओं से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें और किसी भी प्रकार की मिलावट से बचें। इसके साथ ही एसडीएम ने सभी दुकानदारों कोश्पथ भी दिलाई।

वहीं व्यवसायी ने एसडीएम के समक्ष समस्या रखी कि क्षेत्र में कम कीमत पर मिलने वाली नकली मिठाइयां उनको व्यवसाय में कड़ी टक्कर दे रही हैं, शुद्ध मिठाई बनाने वालों को बाजार मूल्य निर्धारण करना कठिन हो रहा है, ऐसे नकली लोगों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही रक्षाबंधन त्योहार के दौरान कुछ ऐसे लोग भी सड़क किनारे मिठाई की दुकान लगा लेते हैं जिनका मिठाई के व्यवसाय से कोई लेना देना नहीं है। यहां तक कि जूते चप्पल, कपड़े, बर्तन आदि बेचने वाले दुकानदार भी में सड़क पर ऐसी मिठाईयां सजा लेते हैं। इस पर संजय कुमार ने फूड सेफ्टी अफसर को अभियान चलाने का निर्देश दिया हैं।

मिलावट करना अनैतिक और पाप का काम
एसडीएम कुमार ने सभी विक्रेताओं से ईमानदारी, पारदर्शिता और गुणवत्ता को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि मिलावट की राह पर चल कर पैसा कमाना आसान हो सकता है, लेकिन वो रास्ता अंततः धोखा और पाप का है। एसडीएम ने सभी को भावुक अंदाज में अनुरोध करते हुए कहा कि "जब आप मिलावट मुक्त, शुद्ध मिठाई बनाते हैं, तो आप सिर्फ मिठाई ही नहीं दे रहे होते हैं, बल्कि आप लोगों के दिलों में भरोसा भी दे रहे होते हैं, शुद्ध मिठाई से जो खुशबू आती है दरअसल वह आपकी इमानदारी की महक होती है।"
कार्यक्रम के अंत में एसडीएम ने सभी मिष्ठान विक्रेताओं को मिलावट न करने और स्वच्छता के साथ गुणवत्ता पूर्वक सेवाएं देने की सामूहिक शपथ दिलाई।सभी व्यवसाइयों ने शपथ ली कि " यथा संभव हम मिलावट नहीं करेंगे। हम अपने शहर, अपने ग्राहकों और अपने समाज के लिए यह वचन लेते हैं कि हम शुद्ध मिठाई ही बनायेंगे। क्योंकि हमें गर्व है अपने काम पर, अपने हुनर पर, और अपने नैतिक मूल्यों पर।" वहीं लाइसेंसिंग और फूड सेफ्टी जागरूकता के साथ-साथ सभी को FSSAI रजिस्ट्रेशन, सैंपलिंग, लेबलिंग आदि के बारे में जरूरी जानकारी साझा की गयी।
एसडीएम ने लोगों से कहा कि मिठाइयों में मिलावट की समस्या (सिंथेटिक खोया, नकली पनीर, हानिकारक रंग, मिलावटी घी आदि) के लिए जनहित और समाज हित में सामूहिक अभियान चलाने की जरूरत है। इस अभियान में सभी मिठाई दुकानदारों की भागीदारी सुनिश्चित होने की अपेक्षा की गई।
खाद्य नमूनों की जांच और नियमित निगरानी का निर्देश
एसडीएम संजय कुमार ने खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी को सतत रूप से विशेष रूप से त्योहारी मौसम में मिठाईयों एवं अन्य खाद्य पदार्थों की निगरानी एवं नमूना जांच के निर्देश दिये।
इस दौरान मौजूद खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अंजना मिंज ने कहा कि बरसात में टाइफाइड आदि वॉटर बोर्न (जल जनित) बीमारियां बहुत फैलती हैं, इसलिए मिठाई एवं अन्य खाद्य पदार्थों का व्यवसाय करने वाले लोग इनके बनाने में उबला हुआ पानी या शुद्ध पानी ही प्रयोग करें, साथ ही अपने कुकिंग स्टाफ को लगातार हाथ धोने और स्वच्छता बरतने का निर्देश दें। उन्होंने सभी दुकानदारों से कहा कि वे अपने स्टाफ की नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें, क्योंकि कई बार रोगी स्टाफ खाद्य पदार्थों के माध्यम से संक्रमण फैला सकते हैं।
संजय कुमार ने कहा कि उन्होंने कई शहरों की कोई न कोई प्रसिद्ध मिठाई सुनी है, इस अंदाज में गढ़वा के व्यवसाय भी कोई लोकल ब्रांड की मिठाई प्रमोट करें। साथ ही बाहर की नकली पैकेट/ब्रांड के खिलाफ सामूहिक रोकथाम अभियान चलाएं। संजय कुमार ने खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी को सुझाव दिया कि जिन दुकानदारों के नमूने कभी फेल न हुए हों और वे वर्षों से कार्यरत हों ऐसे प्रतिष्ठित और ईमानदार हलवाई / मिठाई दुकानदारों को सम्मानित करें ताकि अन्य लोग उनसे प्रेरणा लें।