द फॉलोअप डेस्क
बरसात के दिनों में सावन से भादो तक यानी 15 जुलाई से 15 सितंबर का समय सांपों के निकलने का महीना होता है। इन महीनों में लगभग सभी प्रकार के सांप अपने बिल से बाहर निकलते हैं। ये सांप इंसानों और जानवरों पर भी हमला कर सकते हैं। अगर किसी को सांप काट दे तो क्या करें, इसे लेकर कई भ्रांति भी है।
सावन और भादो के समय सर्पदंश की कई घटना सामने आता है। इस महीने में सांप अपने बिल से बाहर निकल आते हैं। कई बार ये सांप बहुत ही अधिक आक्रामक हो जाते हैं। इंसान तो इंसान जानवर पर भी हमला कर देते हैं। ऐसे में सावधानी बरतना बहुत जरूरी है।सांप ज्यादातर नमी वाली जगहों पर, झाड़ियों के अलावा अन्य स्थानों में भी पाए जाते हैं। गांव के लोगों को इन दो महीनों में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। स्नेक मैन ऑफ हजारीबाग के नाम से जाने जाने वाले मुरारी सिंह बताते हैं रात को सोते समय अपने हाथ-पैर कंबल या चादर में रखें और जमीन पर न लटकाएं। रात को जमीन पर नहीं सोएं। जब भी खेत में जाए तो सावधानी बरतें और जूतों का उपयोग करें। क्योंकि सांप हमेशा पैर में ही काटा करते हैं। उनका यह भी कहना कि कौन सा सांप विषैला है या नहीं इसकी जानकारी आम इंसान को नहीं होती है। इस कारण जब भी सांप काटे तो बिना समय बिताए अस्पताल पहुंच जाए। झाड़ फूंक के चक्कर में कभी ना पड़े। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हजारीबाग में लगभग 25 प्रकार के सांप पाए जाते हैं जिसमें अधिकतर सांप विषहीन है कुछ सांप जहरीले होते हैं परंतु सावधानियां बरतने एवं सर्पदंश के बाद समय से अस्पताल पहुंचने पर उसका इलाज भी संभव है।
आम तौर पर 5-6 जहरीले सांप होते हैं। जिसमें खतरनाक रसल वाइपर भी एक है।रसल वाइपर सांप पहले जंगलों में ही देखा जाता था, परंतु अब गांवों में भी देखा जा रहा है। शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डीएस डॉ रवि कुमार बताते हैं कि सर्पदंश के मामले बहुत अधिक बढ़े हुए हैं। हर दिन कई मरीज जहां पहुंच रहे हैं । इसे देखते हुए अस्पताल पूरी तरह से तैयार है। इन्होंने इस बात को लेकर चिंता व्यक्त किया कि अस्पताल आने में मरीज विलंब कर देते हैं। कई बार ओझा के चक्कर में पड़ जाते हैं। जिस कारण मरीज की मृत्यु भी हो जाती है। ऐसे में सांप जब भी काटे तो यथा संभव अस्पताल पहुंच जाए। मानसून के समय सर्पदंश के की घटना सामने आ रही है। ऐसे में सावधानी एकमात्र उपाय है। जब भी सर्पदंश हो तो बिना समय गंवाए अस्पताल जल्द पहुंच जाए।
सांप एक वन्य जीव है अगर ग्रामीणों को सांप नजर आता है तो वह वन विभाग को सूचना दे ताकि वन विभाग की टीम सांप को रेस्क्यू कर एक सुरक्षित जगह पर छोड़ सकें। वन विभाग के अधिकारी ए. के. परमार ने ग्रामीणों से अपील की है कि अगर किसी स्थान पर सांप देखते हैं तो घबराने की कोशिश ना करें ना ही उस सांप को ना मारे उसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें वही उन्होंने यह भी अपील किया कि सभी सांप जहरीले नहीं होते हैं अगर जहरीले सांप को लोग पहचानते है तो उससे बच कर रहे।
