जमशेदपुर:
मानगो क्षेत्र में फ्लाईओवर और सड़क निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर चल रहे वनभूमि हस्तांतरण विवाद के बीच जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने गुरुवार को पूर्वी सिंहभूम के डीएफओ से बातचीत की। बातचीत में डीएफओ ने स्पष्ट किया कि वन विभाग जमीन हस्तांतरण के लिए तैयार है, लेकिन मानगो नगर निगम की ओर से अब तक परिवेश पोर्टल पर विधिवत आवेदन नहीं किया गया है। डीएफओ ने विधायक को बताया कि वन विभाग की ओर से मानगो नगर निगम को 2 बार आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक आवेदन नहीं किया गया है। डीएफओ के अनुसार, देरी के कारण जनता को हो रही परेशानी के लिए मानगो नगर निगम जिम्मेदार है।

सरयू राय ने हस्तांतरण में देरी पर क्या कहा
सरयू राय ने कहा कि वन विभाग की अनुमति से जुड़ी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जब वन विभाग की ओर से क्लीयरेंस मिल चुका है और वाइल्ड लाइफ बोर्ड की अनुमति भी प्राप्त हो गई है, तो केंद्र और राज्य सरकार के संबंधित विभागों को पहल कर काम शुरू कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानगो नगर निगम को जल्द से जल्द परिवेश पोर्टल पर आवेदन अपलोड करना चाहिए, ताकि आगे की प्रक्रिया पूरी हो सके।
गौरतलब है कि बुधवार को केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा था कि सरकार जितनी जल्दी वनभूमि हस्तांतरित करेगी, उतनी जल्दी ऊपरी पथ का निर्माण पूरा होगा। इस पर सरयू राय ने कहा कि संभवत: मंत्री को वन विभाग से मिली मंजूरी की जानकारी नहीं थी, इसलिए उन्होंने ऐसा बयान दिया।

हस्तांतरण में देरी से 2 बड़ी परियोजना प्रभावित
मानगो क्षेत्र में वनभूमि हस्तांतरण को लेकर 2 महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इनमें मानगो चौक से पायल सिनेमा की ओर जाने वाले फ्लाईओवर रैंप का निर्माण शामिल है। वनभूमि नहीं मिलने के कारण इसका काम प्रभावित है, जिससे सड़क पर जाम और दुर्घटना की समस्या बनी रहती है। वहीं, पारडीह काली मंदिर से बालीगुमा तक एनएच-33 पर बन रहे ऊपरी पथ (एलिवेटेड कॉरिडोर) के लिए भी वनभूमि की प्रक्रिया को लेकर काम प्रभावित होने की बात सामने आयी थी।