logo

नहीं रहे सरना धर्मगुरु डॉ. प्रवीण उरांव, शोक संवेदनाओं का लगा तांता, सीएम ने बताया व्यक्तिगत क्षति

1441.jpg

द फॉलोअप डेस्क
सरना प्रार्थना सभा के राष्ट्रीय धर्मगुरु और संजय गांधी मेमोरियल कॉलेज के भूगोल विभाग के लेक्चरर डॉ. प्रवीण उरांव नहीं रहे। मंगलवार को हार्ट अटैक से उनका आकस्मिक निधन हो गया। 58 वर्षीय डॉ. उरांव का अंतिम संस्कार 29 मार्च को रातू में किया जाएगा। मालूम हो कि डॉ. उरांव का पैतृक निवास स्थान रातू स्थित काठीटांड़ में है। उनकी कोई संतान नहीं है। पत्नी मंती उरांव गुमला बीएड कॉलेज में लेक्चरर हैं। मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को दिन के करीब 12 बजे उनकी तबीयत बिगड़ी। आनन-फानन में भाई उन्हें निकट के अस्पताल में ले गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि डॉ उरांव को हार्ट अटैक हुआ था। मालूम हो कि 24 मार्च को वे रातू में सरहुल शोभायात्रा में शामिल भी हुए थे। इस दौरान वे पूरी तरह से स्वस्थ थे।

सीएम ने कहा व्यथित हूं
डॉ. उरांव के निधन का लेकर सीएम हेमंत सोरेने ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारी और राष्ट्रीय सरना धर्म अगुआ आदरणीय डॉ. प्रवीण उरांव जी के आकस्मिक निधन से व्यथित हूं। यह मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। डॉ. प्रवीण जी हमेशा झारखंड की संस्कृति के लिए जीये। परमात्मा दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिवार को दुख की घड़ी सहन करने की शक्ति दे। सीएम ने उनकी तस्वीर भी ट्वीटर पर साक्षा की।

झारखंड आंदोलनकारी भी रहे हैं डॉ उरांव
डॉ. उरांव झारखंड अलग राज्य के आंदोलनकारी भी रहे हैं। उनके निधन पर शोक संवेदनाओं का तांता लग गया। आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारी, राजी पहड़ा सरना प्रार्थना सभा के संस्थापक, झारखंडी अस्मिता एवं पहचान को लेकर हमेशा मुखर रहने वाले जननेता तथा हमारे साथी प्रवीण उरांव की जरुरत इस राज्य को लंबे समय तक थी। मगर यह हो न सका। नियति के आगे किसी का वश नहीं चलता। प्रवीण उरांव ने झारखंडी अस्मिता एवं संस्कृति को सहेजने को लेकर जो प्रयत्न किया, वो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकाश पुंज का काम करते रहेगा। उन्होंने कहा कि झारखंडियों के दुःख-दर्द को समझने वाले नेता थे प्रवीण उरांव। अपनी अंतिम सांस तक वो झारखंड एवं झारखंडियों के लिए संघर्ष करते रहें। भले ही आज वो हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी स्मृतियां,उनका त्याग-बलिदान और समर्पण हमारी स्मृतियों में जिंदा रहेगा। वहीं, डॉ. उरांव के निधन पर विधायक राजेश कच्छप, नेहा शिल्पी तिर्की, पूर्व मंत्री बंधु तिर्की, देवकुमार धान, पूर्व टीएसी सदस्य रतन तिर्की, राजी पड़हा सरना प्रार्थन सभा के रवि तिग्गा, धर्म गुरु बंधन तिग्गा सहित सैकड़ों लागों ने गहरा शोक प्रकट किया।

हमारे वाट्सअप ग्रुप से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें https://chat.whatsapp.com/EUEWO6nPYbgCd9cmfjHjxT