द फॉलोअप डेस्क
राज्यपाल कुमार गंगवार ने कहा है कि राष्ट्र के महान सपूत ‘लौह पुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प एवं दूरदर्शी नेतृत्व ने स्वतंत्र भारत की एकता और अखंडता को सुदृढ़ आधार प्रदान किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल द्वारा 562 रियासतों के विलय का ऐतिहासिक कार्य भारत के निर्माण की दिशा में एक अनुपम उदाहरण है। राज्यपाल आज आर्यभट्ट सभागार, राँची में सरदार पटेल स्मृति समिति (कलिंग भारती फाउंडेशन का एक अभिन्न अंग) द्वारा आयोजित सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्षगांठ समारोह के अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।

राज्यपाल ने कहा कि सरदार पटेल के विचार सदैव प्रासंगिक हैं और वे राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने तथा एकता की भावना को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि यह अवसर केवल श्रद्धांजलि का नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लेने का भी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में एक सशक्त, आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में राष्ट्रीय एकता, सुशासन एवं समावेशी विकास की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिशा में देश “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है।

राज्यपाल ने ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा भारत की एकता, आत्मविश्वास एवं गौरव का प्रतीक है तथा नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि उन्हें विगत वर्ष वहाँ जाने का अवसर प्राप्त हुआ, जो अत्यंत प्रेरणादायी रहा। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के आदर्शों को अपने विचारों, व्यवहार एवं कर्तव्यों में आत्मसात करते हुए राष्ट्र की एकता और अखंडता को सुदृढ़ करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सीपी सिंह, विधायक सीपी सिंह, रांची की मेयर रोशनी खलखो, राजाराम महतो और अन्य वक्ताओं ने भी विचार व्यक्त किए।
