साहेबगंज
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) बरहरवा इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए वनांचल एक्सप्रेस से दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से लगभग ₹59 लाख मूल्य के 174 चोरी के एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पश्चिम बंगाल के मालदा के रहने वाले ये तस्कर इन मोबाइलों को देश के विभिन्न हिस्सों से चुराकर बांग्लादेश और नेपाल के बाजारों में खपाने की फिराक में थे।
वनांचल एक्सप्रेस में RPFकी बड़ी कार्रवाई
RPF बरहरवा के इंस्पेक्टर संजीव कुमार को गुप्त सूचना मिली कि ट्रेन संख्या 13403 अप वनांचल एक्सप्रेस के जनरल कोच में दो व्यक्ति भारी मात्रा में संदिग्ध चोरी के मोबाइल फोन लेकर सफर कर रहे हैं। सूचना मिलते ही RPF पोस्ट बरहरवा के निरीक्षक संजीव कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में RPF के सिपाही अनिल कुमार साह, सीपीडीएस टीम के सिपाही विनय कुमार वर्मा, प्रधान आरक्षी योगेन्द्र मांझी और सिपाही नितीश कुमार शामिल थे। टीम ने तुरंत गुमानी स्टेशन से बरहरवा रेलवे स्टेशन के बीच एक विशेष जांच अभियान शुरू किया।
संदिग्धों ने की भागने की कोशिश
जांच के दौरान टीम जब जनरल कोच संख्या ER-104464 में पहुंची, तो वहां पिट्ठू बैग के साथ दो संदिग्ध व्यक्ति नजर आए। पुलिस टीम को देखते ही दोनों आरोपी घबरा गए और चलती ट्रेन से कूदकर भागने का प्रयास करने लगे। हालांकि, RPF के जवानों ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए दोनों को घेराबंदी कर मौके पर ही धर दबोचा। पूछताछ में आरोपियों की पहचान मोहम्मद नासरुद्दीन शेख (28 वर्ष) और मोहम्मद रहमत शेख (23 वर्ष) के रूप में हुई। दोनों आरोपी कलियाचक, जिला मालदा (पश्चिम बंगाल) के निवासी हैं।
बैग से मिले ₹59 लाख के 174 एंड्रॉइड फोन
जब दोनों आरोपियों को बरहरवा स्टेशन पर उतारकर उनके बैगों की सघन तलाशी ली गई, तो पुलिस के भी होश उड़ गए। उनके पास से कुल 174 पुराने और इस्तेमाल किए हुए एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए गए। इनमें से 85 मोबाइल फोन मोहम्मद नासरुद्दीन शेख के पास से और 89 मोबाइल फोन मोहम्मद रहमत शेख के कब्जे से मिले। बरामद किए गए इन सभी मोबाइलों का अनुमानित बाजार मूल्य ₹58,95,878 (अट्ठावन लाख पचानवे हजार आठ सौ अठहत्तर रुपये) आंका गया है।
वैध दस्तावेज नहीं दे पाए आरोपी
कड़ी पूछताछ के दौरान दोनों आरोपी बरामद मोबाइल फोनों के संबंध में कोई भी वैध दस्तावेज, मालिकाना हक का प्रमाण या संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रावधानों के तहत सभी मोबाइलों को विधिवत जब्त कर उनकी जब्ती सूची तैयार की गई। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए दोनों आरोपियों और जब्त मोबाइलों को आगे की कार्रवाई के लिए रेल थाना बरहरवा के सुपुर्द कर दिया गया है, जहां पुलिस आगे की जांच में जुट गई है।.jpeg)
अंतरराज्यीय मोबाइल चोरों का सेफ जोन
आपको बता दें कि साहेबगंज जिले के तीनपहाड़, महाराजपुर और इसके आसपास के इलाके लंबे समय से मोबाइल चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोहों के प्रमुख ठिकानों के रूप में जाने जाते हैं। इन क्षेत्रों के तस्कर बेहद शातिर हैं, जो देश के विभिन्न हिस्सों जैसे आईपीएल मैच, भीड़भाड़ वाले मेलों, त्योहारों और बड़े रेलवे स्टेशनों से महंगे मोबाइल चुराकर साहेबगंज लाते हैं। इसके बाद इन मोबाइलों को भारत के कोने-कोने के साथ-साथ सीमा पार बांग्लादेश या नेपाल के बाजारों में ऊंचे दामों पर खपा दिया जाता है। चोरी के मोबाइलों के इस बड़े नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय रैकेट को तोड़ने के लिए झारखंड पुलिस और RPF द्वारा समय-समय पर विशेष छापेमारी अभियान चलाए जाते हैं, और आज की यह कार्रवाई उसी कड़ी का एक बड़ा हिस्सा है।