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गुमला में सड़क हादसों पर लगेगा ब्रेक, प्रशासन ने मैराथन दौड़ के जरिए लोगों को सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

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द फॉलोअप डेस्क
गुमला जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और असमय हो रही मौतों पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में आज गुमला नगर भवन में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम और मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस, विशेषकर युवाओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में मौजूद जिले के आला अधिकारियों और प्रशासन ने सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी गंभीरता दिखाई। उप विकास आयुक्त (DDC) दिलेश्वर महतो ने स्पष्ट रूप से कहा कि "हमारी थोड़ी सी सक्रियता और नियमों के प्रति सजगता न केवल दुर्घटनाओं को कम कर सकती है, बल्कि अनमोल जिंदगियों को भी बचा सकती है।
वहीं, जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) ज्ञान शंकर जायसवाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार अपीलों के बावजूद नियमों की अनदेखी करना समाज के लिए गंभीर विषय है। उन्होंने बताया कि विभाग स्कूलों, कॉलेजों और सड़कों पर लगातार अभियान चलाकर लोगों को हेलमेट पहनने और सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित कर रहा है।
सड़क सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहे अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सुरेश प्रसाद यादव ने बताया कि जिले में अधिकांश सड़क हादसों की मुख्य वजह लापरवाही और नशे की हालत में वाहन चलाना है। उन्होंने कहा, "हमारी एक छोटी सी गलती न केवल हमारी जान लेती है, बल्कि दूसरों के परिवारों को भी उम्र भर का दर्द दे जाती है।"
इस जागरूकता अभियान में युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मौजूद युवाओं ने माना कि उनके साथियों की सड़क हादसों में मौत एक दुखद पहलू है। उन्होंने संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करेंगे, बल्कि अपने साथियों को भी 'बिना नियम, सड़क पर न उतरने' के लिए प्रेरित करेंगे। जिला प्रशासन की इस सामूहिक उपस्थिति ने यह साफ संदेश दिया है कि यदि जनता और प्रशासन मिलकर प्रयास करें, तो गुमला को सड़क दुर्घटना मुक्त जिला बनाया जा सकता है।
 

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