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RIMS में सैकड़ों डॉक्टरों का जुटान, सुरक्षा और सम्मान से लेकर व्यवस्था तक में सुधार तक की मांगें उठाईं

RIMS में सैकड़ों डॉक्टरों का जुटान, सुरक्षा और सम्मान से लेकर व्यवस्था तक में सुधार तक की मांगें उठाईं

रांची 
IMA झारखंड संयुक्त चिकित्सा आंदोलन (Joint Medical Movement) के अंतर्गत आज रांची में चिकित्सा जगत (Medical Sector) की विभिन्न जायज मांगों के समर्थन में व्यापक एवं उत्साहपूर्ण भागीदारी (Participation) देखने को मिली। RIMS, रांची में सैकड़ों चिकित्सकों का प्रभावशाली जुटान हुआ, वहीं सदर अस्पताल में भी आयोजित कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा। दोनों स्थानों पर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने एकजुटता (Unity) प्रदर्शित करते हुए आंदोलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता (Commitment) व्यक्त की। RIMS में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस (Joint Press Conference) में वरीय चिकित्सकों, जूनियर डॉक्टरों, सरकारी चिकित्सकों तथा निजी अस्पतालों के चिकित्सकों ने चिकित्सकों की सुरक्षा (Doctors' Safety), सम्मान (Respect), सेवा संबंधी समस्याओं (Service-related Issues) और झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था (Healthcare System) को सुदृढ़ करने से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। कार्यक्रम के पश्चात चिकित्सकों के प्रतिनिधिमंडल ने RIMS निदेशक को संयुक्त चिकित्सा आंदोलन का ज्ञापन सौंपा और मांगों पर आवश्यक पहल का अनुरोध किया। सदर अस्पताल में भी कार्यक्रम की सफल भागीदारी ने संयुक्त आंदोलन को मजबूती प्रदान की। दोनों स्थानों पर चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की एकजुटता ने यह संदेश दिया कि चिकित्सा जगत अपनी जायज माँगों के समाधान के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संगठित है।

प्रमुख रूप से उपस्थित प्रतिनिधि एवं चिकित्सक

कार्यक्रम में डॉ. प्रदीप सिंह, सचिव, IMA झारखंड; डॉ. अभिषेक रामाधीन, स्टेट कोऑर्डिनेटर, IMA HBI, झारखंड; डॉ. शंभू सिंह, सचिव, IMA HBI एवं AHPI; डॉ. ब्यूटी बनर्जी एवं डॉ. तनुश्री, IMA Women’s Wing; डॉ. अजीत एवं डॉ. स्टीफन, JHASA; डॉ. विकास, प्रदेश अध्यक्ष, JDA; डॉ. जयदीप, FAIMA; डॉ. आदित्य, अध्यक्ष, MSN; डॉ. जितेंद्र, JDN; तथा श्री आदिल, अध्यक्ष, झारखंड स्वास्थ्य कर्मचारी महासंघ सहित सैकड़ों चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

संयुक्त चिकित्सा आंदोलन में निम्नलिखित प्रमुख मांगें शामिल हैं:

1. चिकित्सकों की सुरक्षा: झारखंड मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट का प्रभावी क्रियान्वयन तथा चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
2. Clinical Establishment Act: व्यावहारिक संशोधन तथा छोटे स्वास्थ्य संस्थानों के लिए उचित नियामक व्यवस्था।
3. मेडिकल एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए DACP: केंद्र सरकार/बिहार के समान Dynamic Assured Career Progression लागू करना।
4. आयुष्मान भारत: अस्पतालों की समस्याओं एवं भुगतान संबंधी मुद्दों का समाधान।
5. जूनियर डॉक्टरों की समस्याएं: नियुक्ति, सेवा शर्तों एवं करियर संबंधी समस्याओं का समाधान।
6. मेडिकल छात्र: स्टाइपेंड, सुरक्षा एवं शैक्षणिक सुविधाओं से संबंधित समस्याओं का निराकरण।
7. दंत चिकित्सकों के लिए DACP: केंद्र सरकार/बिहार के समान DACP लागू करना तथा आवश्यक पदों पर पारदर्शी नियुक्ति।
8. सिंगल-विंडो व्यवस्था: स्वास्थ्य संस्थानों के लाइसेंस, पंजीकरण एवं नवीनीकरण की प्रक्रिया सरल और समयबद्ध बनाना।
9. महिला चिकित्सकों की सुरक्षा: सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करना।
10. संयुक्त निगरानी तंत्र: सरकार एवं चिकित्सा संगठनों के बीच नियमित संवाद और समस्याओं के समाधान के लिए संयुक्त व्यवस्था स्थापित करना।

आंदोलन के अन्य मकसद क्या हैं 

चिकित्सा संगठनों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन चिकित्सकों की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने और झारखंड की जनता को बेहतर, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। यह आंदोलन मरीजों के विरुद्ध नहीं है। चिकित्सक मरीजों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध हैं तथा आपातकालीन एवं जीवनरक्षक चिकित्सा सेवाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा है कि पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार 21 अक्टूबर 2026 को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित है। मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में 22 अक्टूबर 2026 से पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जायेगा। 

Tags - RIMS Doctors Safety Healthcare Jharkhand