द फॉलोअप डेस्क
गिरिडीह के नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 20 और 28 में पिछले छह माह से जारी पेयजल संकट को लेकर बुधवार को स्थानीय लोगों का धैर्य टूट गया। पानी की समस्या से त्रस्त महिलाओं, पुरुषों और बुजुर्गों ने नगर निगम कार्यालय पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सभी लोग खाली बाल्टी, देगची, टब और बर्तनों को बजाते हुए नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते नज़र आए। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि पिछले कई महीनों से बस्ती में बूंद-बूंद पानी को तरसना पड़ रहा है। कई बार निगम अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन शिकायतों का कोई ठोस समाधान नहीं निकला। लोगों ने कहा कि पानी के अभाव में रोजमर्रा के काम खाना बनाना, सफाई, स्नान और पेयजल सभी प्रभावित हो रहे हैं। कई परिवार पानी खरीदने को मजबूर हैं, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि निगम केवल आश्वासन देता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्यवाही नहीं होती। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को बड़े स्तर पर तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद स्थानीय लोगों ने कहा कि वे कुछ दिनों तक स्थिति का निरीक्षण करेंगे। यदि पानी की आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ, तो अगला चरण आंदोलन और भी उग्र होगा। विरोध की सूचना मिलते ही नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान नगर निगम के उप-आयुक्त प्रशांत लायक ने बताया कि पानी उपलब्ध कराने के लिए संबंधित वार्डों से आवेदन और टैक्स जमा करना आवश्यक है। प्रक्रिया पूरी होते ही आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
