द फॉलोअप डेस्क
झारखंड के हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड में सरस्वती पूजा के मूर्ति विसर्जन जुलूस पर हुए पथराव की घटना को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए कहा, "उन्हें इसकी सूचना मिली है, जिसमें कई श्रद्धालु घायल हुए हैं। यह कोई नई घटना नहीं है।
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आज से 4 साल पहले बरही में सरस्वती पूजा विसर्जन के दौरान ही जुलूस से खींचकर रूपेश पाण्डेय की हत्या समुदाय विशेष के लोगों द्वारा कर दी गई थी। रामगढ़, गढ़वा समेत कई अन्य जगहों पर गत वर्ष भी मूर्ति विसर्जन के दौरान हमला किया गया था। रामनवमी, दुर्गा पूजा, होली... ऐसा कोई त्योहार नहीं बीतता, जब हिंदुओं के उपर हमला न होता हो।"
उन्होंने आगे कहा, "हिंदू समाज के बिखराव का फायदा उठाकर सत्ता हथियाने वाली झामुमो, कांग्रेस और राजद जैसे मुस्लिम तुष्टिकरण करने वाली राजनीतिक पार्टियां मुसलमानों को खरोच आने पर भी तिलमिला उठती हैं, लेकिन हिंदू धर्म के जुलूस पर होते हमलों पर चुप्पी साध लेते हैं। हिंदू समाज को एकजुट होकर अपनी शक्ति को पहचानने की जरूरत है। संगठित होकर पुलिस, प्रशासन सबको उचित कारवाई के लिए बाध्य किया जा सकता है।"
बाबूलाल मरांडी ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह कोई नई घटना नहीं है। उन्होंने कहा कि चार वर्ष पहले बरही में सरस्वती पूजा विसर्जन के दौरान जुलूस से खींचकर रूपेश पांडेय की हत्या कर दी गई थी।
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इसके अलावा रामगढ़, गढ़वा सहित कई अन्य स्थानों पर भी गत वर्ष मूर्ति विसर्जन के दौरान हमले की घटनाएं सामने आई थीं। उन्होंने कहा कि रामनवमी, दुर्गा पूजा और होली जैसे पर्वों के दौरान भी इस तरह की घटनाएं होती रही हैं। झारखंड पुलिस तत्काल सभी आरोपियों को गिरफ्तार करें, अन्यथा भाजपा इसके विरुद्ध जोरदार आंदोलन करेगी।
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