द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
रांची के पुंदाग स्थित सेल सिटी में चोरों ने सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। अपराधियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पूर्व राजनीतिक सलाहकार हिमांशु शेखर चौधरी के डुप्लेक्स को निशाना बनाया। गुरुवार रात हुई इस घटना में करीब 30 लाख रुपये के जेवरात, 1.50 लाख रुपये नकद समेत लगभग 45 लाख रुपये का कीमती सामान चोरी होने की बात सामने आई है। घटना के समय हिमांशु शेखर चौधरी निजी काम से गोड्डा गए हुए थे और घर खाली था। शुक्रवार को जब घर में पौधों को पानी देने के लिए मेड पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गई। घर के अंदर लॉकर और अलमारियां टूटी हुई थीं, जबकि सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा था। उसने तुरंत फोन कर हिमांशु शेखर चौधरी को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही वह रांची लौटे और घर की जांच की। इस दौरान लॉकर से जेवरात और नकदी गायब मिले। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

खोजी कुत्ता घर की बाउंड्री के आसपास ही घूमता रहा
पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट के नमूने एकत्र किए, जबकि डॉग स्क्वायड की भी मदद ली गई। हालांकि, खोजी कुत्ता घर की बाउंड्री के आसपास ही घूमता रहा। हिमांशु शेखर चौधरी के मुताबिक, वह 8 अक्टूबर को निजी काम से गोड्डा गए थे। घर में कोई मौजूद नहीं था। पौधों में पानी डालने के लिए उन्होंने मेड को घर की चाबी दी थी। घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में तीन संदिग्ध आते-जाते दिखाई दिए हैं। फुटेज में दो संदिग्धों के चेहरे ढके हुए नजर आ रहे हैं, जबकि तीनों ने हाथों में ग्लव्स पहन रखे थे। हिमांशु ने बताया कि एक संदिग्ध के शरीर पर केवल पैंट थी, जबकि बाकी दो कपड़े पहने हुए थे। हालांकि, कैमरे में किसी का चेहरा स्पष्ट नहीं दिख रहा है। सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंप दिया गया है।

पार्डी गैंग पर पुलिस को शक, जेल में बंद अपराधियों से भी होगी पहचान
पुलिस को चोरी के तरीके के आधार पर मध्य प्रदेश के गुना में सक्रिय पार्डी गैंग पर संदेह है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हाल के दिनों में इस गिरोह का कौन-सा सदस्य जेल से बाहर आया है। इसके अलावा जेल में बंद गिरोह के संदिग्ध अपराधियों को सीसीटीवी फुटेज दिखाकर उनकी पहचान कराने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, अब तक पुलिस को कोई ठोस सफलता नहीं मिली है। पुंदाग ओपी प्रभारी संजीव कुमार के अनुसार, फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट के नमूने लिए हैं। शुक्रवार देर रात तक हिमांशु शेखर चौधरी की ओर से लिखित आवेदन नहीं मिलने के कारण प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी थी।