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GOOD NEWS : रांची में 25 स्कूलों के 150 से अधिक छात्र राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के लिए शॉर्टलिस्टिंग में शामिल

रांची में 25 स्कूलों के 150 से अधिक छात्र राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के लिए शॉर्टलिस्टिंग में शामिल

रांची 

32वें राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस (32nd National Children’s Science Congress-NCSC)-2026 के अंतर्गत जिला स्तरीय शॉर्टलिस्टिंग कार्यक्रम (District-level Shortlisting Programme) आज सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची (St. Xavier’s College, Ranchi) के भौतिकी विभाग में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में रांची उपायुक्त (Ranchi Deputy Commissioner) मंजूनाथ भजंत्री (Manjunath Bhajantri) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस महत्वपूर्ण आयोजन में लगभग 25 स्कूलों (Schools) के 150 से अधिक छात्रों (Students) ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। गौरतलब है कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस (National Children’s Science Congress), राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद (National Council for Science and Technology Communication-NCSTC), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (Department of Science and Technology), एक प्रमुख फ्लैगशिप कार्यक्रम (Flagship Programme) है। इस वर्ष की फोकल थीम (Focal Theme) “सस्टेनेबिलिटी के लिए साइंस और इनोवेशन” (Science and Innovation for Sustainability) रखी गई है।

छात्रों ने 5 थीमैटिक क्षेत्रों में अपने शोध एवं नवाचार प्रस्तुत किए:

1. अपशिष्ट प्रबंधन (Waste Management)  
2. ऊर्जा (Energy)  
3. जल (Water)  
4. खाद्य, कृषि एवं स्वास्थ्य (Food, Agriculture and Health)  
5. सस्टेनेबिलिटी के लिए भारतीय ज्ञान प्रणाली का अनुप्रयोग (Application of Indian Knowledge System for Sustainability)

आसान सवालों में भी गहरी वैज्ञानिक बातें छिपी हो सकती हैं

उपायुक्त ने अपने संबोधन में उन्होंने छात्रों को ऐसे वैज्ञानिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विचारों की मौलिकता (Originality) पर विशेष जोर देते हुए कहा कि एआई को केवल सहायक उपकरण के रूप में सीमित उपयोग करना चाहिए। उन्होंने जिज्ञासा, रचनात्मकता और सामाजिक प्रभाव को नवाचार का मूल आधार बताया तथा सवाल पूछने की कला को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि आसान से लगने वाले सवालों में भी गहरी वैज्ञानिक बातें छिपी हो सकती हैं। कार्यक्रम की चेयरपर्सन (वाइस प्रिंसिपल एवं भौतिकी विभाग की प्रमुख) डॉ. स्वरत चौधरी ने इस वर्ष की फोकल थीम और पाँच थीमैटिक क्षेत्रों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने एआई-जनित विचारों के बजाय मौलिक एवं नवाचारी विषयों पर जोर दिया।

सवाल पूछने की आदत को बढ़ावा दिया

इवेंट मेंटर डॉ. फादर अजय अरुण मिंज एस.जे. ने भी सवाल पूछने की आदत को बढ़ावा दिया और सर आइजैक न्यूटन का उदाहरण देते हुए वैज्ञानिक जिज्ञासा की महत्ता बताई। छात्रों के शोध कार्यों और नवाचारी विचारों का मूल्यांकन अनुभवी विशेषज्ञों के पैनल ने किया। मूल्यांकनकर्ताओं में डॉ. एन.वी.ए. राव, डॉ. रितेश शुक्ला, डॉ. अनुपमा भार्गव, डॉ. प्रिया वास्तव, डॉ. रेमन कुमार सिंह, बीआईटी मेसरा के डॉ. किंगशुक बोस, रांची वीमेंस कॉलेज की डॉ. श्रेया पांडे, डॉ. अमृता कुमारी, योगदा सत्संग के डॉ. संतोष सिंह, डॉ. दीपेंद्र कुमार सिन्हा, डॉ. शिव शंकर प्रसाद तथा डॉ. राजीव रंजन वास्तव शामिल रहे। चयनित छात्रों के नाम जिला अकादमिक समन्वयक द्वारा राज्य स्तरीय भागीदारी के लिए भेजे जाएंगे।

आयोजन में इनकी रही भागीदारी 

कार्यक्रम के सफल आयोजन में जिला अकादमिक समन्वयक (भौतिकी विभाग, सेंट जेवियर्स कॉलेज) डॉ. सुमित कुमार रॉय ने धन्यवाद ज्ञापन किया। राज्य समन्वयक डॉ. अतेंद्र कुमार, जिला समन्वयक डॉ. रवि कुमार, डॉ. मितेश चक्रवर्ती, डॉ. राजेश कुमार, स्वागता चक्रवर्ती, अरुणाभ मुखर्जी, राहुल सिंह, राकेश प्रसाद, किरीटी महतो, प्रवीण टोप्पो, बिपिन तथा अबनेर ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। भौतिकी विभाग के छात्र स्वयंसेवकों ने आयोजन के समन्वय में अहम भूमिका निभाई।


 

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