रांची
रांची में पनीर (Paneer) बेचने, बनाने और बेचने वालों के लिए रजिस्ट्रेशन (Registration) अनिवार्य (Mandatory) कर दिया गया है। इसका आदेश आज रांची डीसी (Ranchi Deputy Commissioner) ने दिया। दरअसल आज, डीसी की अध्यक्षता (Chairmanship) में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (Food Safety and Standards Authority of India - FSSAI) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 (Financial Year 2026-27) में अब तक संपन्न कार्यों की समीक्षा (Review) तथा आगामी क्रियाकलापों (Upcoming Activities) के निर्धारण हेतु जिला स्तरीय परामर्शी समिति (District-level Advisory Committee) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी सदर रांची (Sub-Divisional Officer, Sadar Ranchi), कुमार रजत (Kumar Rajat), अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था रांची (Additional District Magistrate, Law and Order, Ranchi), धनंजय (Dhananjay), जिला आपूर्ति पदाधिकारी रांची (District Supply Officer, Ranchi), रामगोपाल पांडेय (Ramgopal Pandey) एवं सिविल सर्जन सदर रांची (Civil Surgeon, Sadar Ranchi), जिला प्रशासन (District Administration) के वरीय अधिकारियों (Senior Officials), खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) के पदाधिकारियों, सभी फूड सेफ्टी ऑफिसर (Food Safety Officers) एवं संबंधित सदस्यों (Concerned Members) ने भाग लिया।

खाद्य सुरक्षा जनस्वास्थ्य से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय
उपायुक्त ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि खाद्य सुरक्षा जनस्वास्थ्य से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। मिलावट एवं अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (Food Safety Officers) को निर्देश दिया कि जिले के होटल, रेस्टोरेंट एवं मिठाई की दुकानों में नियमित एवं निरंतर जांच अभियान चलाया जाए ताकि मिलावट की किसी भी संभावना को रोका जा सके। कोई भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान व्यवसाय के उद्देश्य से पनीर का विक्रय कर रहे हैं, उसका निर्माण कर रहे हैं अथवा अपने प्रतिष्ठान में उपयोग कर रहे हैं, उन्हें अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा।

विशेष रूप से पनीर व्यवसाय पर चर्चा
बैठक में विशेष रूप से पनीर व्यवसाय पर चर्चा हुई। डीसी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जो भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान व्यवसाय के उद्देश्य से पनीर का विक्रय कर रहे हैं, उसका निर्माण कर रहे हैं अथवा अपने प्रतिष्ठान में उपयोग कर रहे हैं, उन्हें अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण न कराने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिला प्रशासन द्वारा पनीर के नमूनों की जांच नियमित रूप से की जाती रहेगी। मिलावट पाए जाने पर संबंधित विक्रेता/निर्माता के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा भी की गई तथा आगामी महीनों में चलाए जाने वाले जांच अभियानों, जागरूकता कार्यक्रमों एवं निगरानी तंत्र को और प्रभावी बनाने संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गए। उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि खाद्य सुरक्षा संबंधी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा जनसामान्य के स्वास्थ्य की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
