द फॉलोअप डेस्क
झारखंड की हवाई यात्रा का प्रमुख केंद्र बन चुके बिरसा मुंडा एयरपोर्ट ने पिछले एक दशक में तेजी से विकास किया है। वर्ष 2014-15 में जहां एयरपोर्ट से करीब 6.5 लाख यात्रियों ने सफर किया था, वहीं अब यह संख्या बढ़कर लगभग 27 लाख सालाना यात्रियों तक पहुंच गई है। एयरपोर्ट की आय में भी लगातार वृद्धि हुई है और वित्तीय वर्ष 2025-26 में इसका राजस्व 87.56 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने बताया कि बीते वर्षों में एयरपोर्ट पर यात्री सुविधाओं और तकनीकी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण काम किए गए हैं। आधुनिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टॉवर, उन्नत नेविगेशन सिस्टम, पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज, सुरक्षा व्यवस्था के विस्तार और टर्मिनल के आधुनिकीकरण से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।
झारखंड के आर्थिक विकास का अहम हिस्सा बिरसा मुंडा एयरपोर्ट
प्राधिकरण के अनुसार वर्ष 2024-25 में रांची एयरपोर्ट से 41 लाख से अधिक यात्रियों ने यात्रा की। इसी दौरान विमान परिचालन में 7.8 प्रतिशत और कार्गो परिवहन में 10 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे राज्य में व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिली है। AAI का कहना है कि बिरसा मुंडा एयरपोर्ट अब केवल हवाई यात्रा का केंद्र नहीं, बल्कि झारखंड के आर्थिक विकास का अहम माध्यम बन चुका है। एयरपोर्ट के विस्तार का लाभ होटल, परिवहन, व्यापार और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी मिल रहा है।
15 जून को मनाए जाने वाले 'यात्री सेवा दिवस' के अवसर पर एयरपोर्ट परिसर में स्वागत कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन, पौधारोपण, स्वास्थ्य शिविर और यात्री जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने के साथ-साथ एयरपोर्ट और यात्रियों के बीच जुड़ाव को भी मजबूत किया जाएगा।
