रामगढ़ जिले में हाल ही में हुई हाई-प्रोफाइल पंचवटी अपार्टमेंट चोरी और मोबाइल टावरों से लगातार हो रही तांबे की चोरी के मामलों में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से इन घटनाओं से परेशान पुलिस आखिरकार गिरोह के कुछ सदस्यों तक पहुंच गई है। डीएसपी फौजान अहमद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह का मास्टरमाइंड और एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है। पकड़े गए आरोपियों में राजा कुमार डोम और मंगल भुईया शामिल हैं, जिन्हें 31 मार्च की रात गुप्त सूचना के आधार पर शनिचरा बाजार मैदान से गिरफ्तार किया गया। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद 5–6 लोग भागने लगे, लेकिन पुलिस ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि यही गिरोह पंचवटी अपार्टमेंट में हुई करीब 18 लाख रुपये के जेवरात और नकदी की चोरी में भी शामिल था। यह घटना जिले की चर्चित वारदातों में से एक थी, जिसके बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी सुनियोजित तरीके से पहले रिहायशी इलाकों की रेकी करते थे और मौका मिलते ही चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। इतना ही नहीं, यह गिरोह सुनसान जगहों पर लगे मोबाइल टावरों को भी निशाना बनाता था और वहां से तांबे के तार काटकर बाजार में बेच देता था।
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने सुरेश प्रसाद को भी गिरफ्तार किया, जो चोरी के तांबे के तार खरीदता था। उसके पास से भी चोरी किया गया तांबा बरामद हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में सामान जब्त किया है, जिसमें करीब 2 मीटर काला केबल तार, 2–2 मीटर के तीन कॉपर तार, करीब 10 मीटर नीला-पीला-लाल कॉपर तार और एक थैले में लगभग 3.5 किलोग्राम तांबा शामिल है। इसके अलावा चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले औजार भी बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर फरार मास्टरमाइंड और अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है। जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा होने की उम्मीद है। रामगढ़ पुलिस ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि जिले में चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।