रांची
पूर्व सीएम रघुवर दास ने आज एक बयान जारी कर कहा कि झारखंड के खनिज विशेष कर कोयला, बालू, पत्थर सिंडिकेट बनाकर लूटने वाले मुख्यमंत्री संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद केंद्र सरकार को धमकी दे रहे हैं। हर झारखंडी मुख्यमंत्री के चाल-चरित्र, कथनी -करनी को जान और समझ चुका है। आंदोलन से उपजी झारखंड मुक्ति मोर्चा के मुख्यमंत्री जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठियां चलवा रहे हैं। दास ने कहा, सीएम आवास की सुरक्षा को अभेद किले के रूप में तब्दील कर रहे हैं। सोने की चम्मच लेकर पैदा हुए हेमंत सोरेन जी को दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के बलिदान और संघर्ष के कारण विरासत में मुख्यमंत्री की कुर्सी मिली। उन्होंने न कभी आंदोलन किया है, ना कभी संघर्ष किया है।

हमारा देश संघीय गणराज्य है
केंद्र सरकार को धमकी देने वाले मुख्यमंत्री समय निकालकर संविधान पढ़ें। हमारा देश संघीय गणराज्य है। उन्होंने आगे कहा, इसमें केंद्र और राज्य की शक्तियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। इसमें टकराव होने से अराजक स्थिति पैदा होती है। इसी प्रकार के रवैया के कारण बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जी को जनता ने नकार दिया। मुख्यमंत्री झारखंड की जनता को गुमराह करना बंद करें। नियमों का पालन करें और इस तरह के अनर्गल बयान देखकर अराजक स्थिति फैलाने की चेष्टा ना करें।