द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में आयोजित स्काईडाइविंग फेस्टिवल-2025 पर बीजेपी की प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज ने राज्य सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस महंगे आयोजन को आम आदमी की पहुंच से बाहर बताते हुए राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा किया। राफिया नाज का कहना था कि ₹28,000 प्रति व्यक्ति की लागत वाला स्काईडाइविंग जैसा महंगा आयोजन राज्य की गरीब वर्ग के लिए सुलभ नहीं है।
राफिया नाज ने आरोप लगाया कि सरकार इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा देने का दावा कर रही है, जबकि ये गतिविधियां केवल समाज के एक विशेष वर्ग के लिए उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महंगे सांस्कृतिक और पर्यटन कार्यक्रमों पर करोड़ों रुपये खर्च करती है, जबकि विकास कार्यों और जनता की जरूरतों के लिए बजट का अभाव है, जो कि सरकार की दोहरे मापदंड को दर्शाता है।

राफिया नाज ने बताया कि पिछले साल भी महंगे आयोजनों पर खर्च किए गए पैसे के बाद ऑडिट में कई गड़बड़ियां सामने आई थीं, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब राज्य में बेरोजगारी और बुनियादी जरूरतों की कमी है, तो महंगे पर्यटन आयोजनों पर खर्च क्यों किया जा रहा है?
राफिया नाज ने सरकार को सलाह दी कि महंगे पर्यटन आयोजनों पर पैसे खर्च करने की बजाय, स्कूलों में बच्चों को बुनियादी सुविधाएं देने, विधवा महिलाओं के लिए पेंशन योजना शुरू करने और सरकारी कर्मचारियों की लंबित तनख्वाह का भुगतान शीघ्र किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि जब जनता की बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं हो रही हैं, तो ऐसे महंगे आयोजन निरर्थक हैं।