द फॉलोअप डेस्क
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) नियमावली को आज कैबिनेट की स्वीकृति नहीं मिली। मालूम हो कि हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 31 मार्च तक जेटेट परीक्षा की तिथि घोषित करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के उस आदेश के आलोक में जेटेट नियमावली को मुख्यमंत्री ने कैबिनेट की स्वीकृति की प्रत्याशा में सहमति दे दी थी। उसके बाद जैक ने जेटेट परीक्षा की कार्यक्रम घोषित कर दिया। उसके अनुसार 21 अप्रैल से 21 मई तक फॉर्म भरे जाने थे। आज उस नियमावली पर कैबिनेट की घटनोत्तर स्वीकृति ली जानी थी। बैठक में जब प्रस्ताव आया तो वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भोजपुरी, मगही और अंगिका को क्षेत्रीय भाषा की सूची में शामिल नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया। उसके बाद जेटेट नियमावली को स्थगित कर दी गयी। उस पर आज कैबिनेट की स्वीकृति नहीं मिली। अब संशोधित रूप में नियमावली पर अगली कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति ली जाएगी।

राज्य सरकार ने मोटर वाहनों पर लगनेवाले कर में संशोधन और बढोत्तरी की है। अब 35 लाख से ऊपर के चार पहिया वाहनों ( दो से 12 सीट) वाले वाहनों पर एक्स शो रूम प्राइस का एकमुश्त 12 फीसदी टैक्स लगेगा। पहले यह नौ फीसदी था। इसी तरह व्यवसायिक उपयोग होनेवाले दो पहिया वाहनों पर नया टैक्स लगाया गया है। अब दो पहिया वाहनों के एक्स शोरुम प्राइस का सात फीसदी टैक्स देना होगा जो 12 वर्षों के लिए होगा। उसके बाद के पांच सालों के लिए कुल टैक्स का 40 फीसदी भुगतान करना होगा। इस तरह व्यवसायिक उपयोग वाले दो पहिया वाहनों का अब व्यवसायिक निबंधन कराना होगा। इस तरह गिग वर्कर्स (जोमैटो, स्वीगी, रैपिडो) के लिए उपयोग करने वाले दोपहिया वाहनों का व्यवसायिक निबंधन कराना होगा। सरकार ने पहली बार राज्य में ट्रैक्टर के एक्स शोरुम प्राइस पर चार फीसदी का टैक्स लगाया है। साथ ही ट्रेलर के लिए एकमुश्त पांच हजार का टैक्स देना होगा। इसके अलावा रबड़ टायर युक्त निर्माण उपकरणों ( डंपर, डोजर, मोटर ग्रेडर, फॉर्क लिफ्ट ट्रक आदि) पर भी एक्स शोरुम प्राइस का सात फीसदी टैक्स 15 साल के लिए देना होगा। कैंपर वैन पर भी पहली बार एक्स शोरुम प्राइस का 7 फीसदी टैक्स 15 वर्ष के लिए देना होगा। टैक्स की राशि में की गयी बढोत्तरी से परिवहन विभाग को प्रति वर्ष लगभग 50 करोड़ के अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। परिवहन विभाग के इस प्रस्ताव पर बुधवार को कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति दी गयी।
