द फॉलोअप डेस्क, रांची:
सहायक आचार्य भर्ती प्रक्रिया में ओबीसी आरक्षण शून्य किए जाने के मुद्दे पर आज पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। प्रदीप यादव ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि जेएसएससी द्वारा जारी प्रशिक्षित सहायक आचार्य (पारा शिक्षक) संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2026 में पिछड़ा वर्ग (EBC-1 और BC-2) के आरक्षण को लेकर बड़ा मुद्दा सामने आया है। प्रदीप यादव ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि सामान्य कोटे की गणना में विसंगति है। कुल 6,101 पदों पर बहाली में पिछड़ा वर्ग (14 फीसदी कोटा) के लिए 814 पद होने चाहिए थे, लेकिन केवल 209 पद (EBC-1 में 62 और BC-2 में 147 पद) ही दिए गए हैं। प्रदीप यादव ने कहा कि यह ईडब्ल्यूएस के 561 पदों के मुकाबले काफी कम हैं जो न्यायोचित नहीं है।

प्रदीप यादव ने तथ्यात्मक चिंता जाहिर की
प्रदीप यादव ने गणना में गलती का अंदेशा जताते हुए मुख्यमंत्री के सामने पक्ष रखा कि विभाग ने संभवत सामान्य कोटे में चयनित अथवा बहाल ओबीसी अभ्यर्थियों को भी ओबीसी कोटे का ही मान लिया है, जिसकी वजह से ओबीसी का मूल कोटा कम हो गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदीप यादव की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि पूरे मामले की दोबारा गणना कराई जाए और सभी तथ्यों से जल्द अवगत कराया जाए, ताकि इस खामी को अविलंब सुधारा जा सके।

सीएम हेमंत से मिला सुधार का आश्वासन
प्रदीप यादव ने कहा कि सहायक आचार्य भर्ती में सामान्य कोटे की गलत गणना के कारण OBC का हक मारा गया था। मुख्यमंत्री जी ने मुख्य सचिव को फिर से गणना कराकर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है, ताकि इस त्रुटि को सुधारा जा सके।"