द फॉलोअप डेस्क:
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव (Pradeep Yadav) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press Conference) कर 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान (Ramlila Maidan) में होने वाले INDIA गठबंधन के प्रदर्शन की जानकारी दी। इस दौरान झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश भी मौजूद रहे। प्रदीप यादव ने कहा कि चुनाव आयोग के मुख्य आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसमें देशभर से लाखों लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है, जबकि झारखंड से 10 से 12 हजार समर्थक दिल्ली पहुंचेंगे।

SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल
प्रदीप यादव ने आरोप लगाया कि देश में मतदाताओं के वोट देने के अधिकार को छीनने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसके जरिए मतदाता सूची में अनियमितताएं की जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि देशभर में 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए हैं और बिहार तथा पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी SIR के दौरान गड़बड़ियां हुई हैं। कांग्रेस नेता ने राहुल गांधी द्वारा महाराष्ट्र के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच मतों के अंतर तथा बेंगलुरु के महादेवपुरा क्षेत्र में कथित फर्जी वोटिंग के मामलों को उठाए जाने का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में हेरफेर कर लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है।

झारखंड में ASDD प्रक्रिया पर सवाल
प्रदीप यादव ने फॉर्म-6 में बदलाव और मतदाताओं से मांगे जा रहे दस्तावेजों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में 10,470 मतदाताओं के नाम बदले जाने का दावा करते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है। झारखंड का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि यहां ASDD प्रक्रिया में 15 से 20 प्रतिशत तक गलतियां हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि 23,81,751 लोगों के नोटिस जमा नहीं किए गए और कांग्रेस की आवाज नहीं उठती तो राज्य में करीब एक करोड़ मतदाता अपने मताधिकार से वंचित रह सकते थे। प्रदीप यादव ने कहा कि 1 नवंबर का आंदोलन निर्णायक होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उन्हें जेल भेजने की मांग पूरी नहीं होती। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।