रांची:
सोशल मीडिया पर अक्सर नकारात्मक बहस, आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक टकराव के बीच बुधवार को झारखंड में एक अलग और सकारात्मक तस्वीर देखने को मिली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर द फॉलोअप के वरिष्ठ पत्रकार सन्नी शरद और झारखंड के परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ के बीच सार्वजनिक परिवहन को लेकर हुए संवाद ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

पत्रकार सन्नी शरद ने पोस्ट की ई-बस सेवा की तस्वीर
दरअसल, पत्रकार सन्नी शरद ने पटना में चल रही ई-बस सेवा की तस्वीर पोस्ट करते हुए रांची में भी आम लोगों के लिए बेहतर सार्वजनिक परिवहन की जरूरत का मुद्दा उठाया। उन्होंने लिखा कि पटना की सड़कों पर ‘पीएम ई-बस सेवा’ की बस देखकर लगा कि रांची में भी ऐसी सुविधा क्यों नहीं होनी चाहिए। उन्होंने रांची में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर करने की आवश्यकता के साथ-साथ वीआईपी मूवमेंट के दौरान आम लोगों को होने वाली परेशानियों का भी उल्लेख किया। जनहित से जुड़े इस सवाल पर झारखंड के परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पत्रकार सन्नी शरद को संबोधित करते हुए कहा कि परिवहन विभाग राज्य में परिवहन सेवा को सुदृढ़ करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मंत्री ने कहा कि सरकार सिर्फ बस सेवा ही नहीं, बल्कि यात्रियों को अन्य महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी तैयारी कर रही है। मंत्री ने कहा कि उठाए गए सवाल के लिए धन्यवाद और जल्द ही इसका समाधान जनता को जमीन पर दिखाई देगा।
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सार्वजनिक परिवहन पर सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट
मंत्री दीपक बिरुआ ने अपने जवाब में झारखंड के नागरिकों को आश्वस्त करते हुए भरोसा दिलाया कि परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। बड़ी संख्या में लोगों ने सार्वजनिक परिवहन से जुड़े इस संवाद को सकारात्मक पहल के रूप में देखा। आम लोगों की प्रतिक्रियाओं को देखने के बाद मंत्री दीपक बिरुआ ने एक बार फिर अपने हैंडल से प्रतिक्रिया दी और कहा कि वे सभी साथियों की अनमोल प्रतिक्रियाओं को देख रहे हैं। मंत्री ने कहा कि हर बात को महत्व देते हुए उसके निष्पादन की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह केवल बोलने में नहीं, बल्कि करके दिखाने में तत्पर हैं।
मंत्री ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की समीक्षा बैठक का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इस दिशा में सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है। इस पूरे संवाद की खास बात यह रही कि एक पत्रकार ने आम लोगों की जरूरत से जुड़ा सवाल उठाया और सरकार के मंत्री ने उसे सकारात्मक रूप से लेते हुए समाधान का भरोसा दिया। न कोई विवाद हुआ, न आरोप-प्रत्यारोप-बल्कि एक जनहित के सवाल से व्यवस्था को बेहतर बनाने की चर्चा आगे बढ़ी।
सोशल मीडिया जनता की आवाज बनने का सशक्त माध्यम
ऐसे संवाद यह भरोसा मजबूत करते हैं कि सोशल मीडिया केवल बहस और टकराव का माध्यम नहीं, बल्कि जनता की आवाज सरकार तक पहुंचाने और समाधान की दिशा में संवाद का प्रभावी मंच भी बन सकता है। रांची समेत झारखंड के लोगों के लिए बेहतर सार्वजनिक परिवहन लंबे समय से एक महत्वपूर्ण आवश्यकता रही है। ऐसे में मंत्री के आश्वासन ने लोगों के बीच उम्मीद जगाई है कि आने वाले समय में राज्य की सड़कों पर आधुनिक बस सेवा के साथ यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं देखने को मिल सकती हैं। लोगों की नजर अब इस बात पर है कि सोशल मीडिया पर हुई यह सकारात्मक बातचीत कब जमीन पर दिखाई देती है। अगर परिवहन व्यवस्था में सुधार की यह पहल सफल होती है, तो यह आम यात्रियों के लिए सुविधा के साथ-साथ झारखंड के शहरी परिवहन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
एक जनहित के सवाल से शुरू हुआ यह संवाद फिलहाल उम्मीद की एक नई तस्वीर पेश कर रहा है-जहां सवाल पूछा गया, सरकार ने सुना और समाधान का भरोसा दिया। अब उम्मीद है कि यह भरोसा जल्द ही झारखंड की सड़कों पर दिखाई देगा।