द फॉलोअप डेस्क
गढ़वा जिले में इन दिनों सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में सांप्रदायिक एंगल सामने आने लगा है, जिससे विवाद गहराता जा रहा है। एक ओर जहां एक दुर्घटना में मुस्लिम पीड़ित परिवार को लगभग साढ़े सात लाख रुपये का मुआवजा दिलाया गया, वहीं दूसरी ओर एक अन्य दुर्घटना में आदिवासी पीड़ित परिवार को मात्र एक लाख रुपये की सहायता दी गई। इस असमानता को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। नगर उंटारी में भाजपा नेताओं ने अलग-अलग प्रेस वार्ता कर जेएमएम के नेता ताहिर अंसारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा नेता मुकेश चौबे और लक्ष्मण राम ने बताया कि करीब तीन महीने पहले अवैध बालू लदे ट्रैक्टर की चपेट में आने से एक मुस्लिम युवक तस्लीम की मौत हो गई थी। उस समय ताहिर अंसारी ने वाहन मालिक पर दबाव बनाकर लगभग सात लाख रुपये का मुआवजा दिलवाया था।
वहीं, दो दिन पहले इसी तरह की एक अन्य घटना में अवैध बालू लदे ट्रैक्टर की चपेट में आने से विजय लोहरा नामक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। आरोप है कि इस मामले में पीड़ित परिवार को केवल एक लाख रुपये की सहायता दी गई और बाकी राशि सरकारी प्रक्रिया के तहत मिलने की बात कहकर ताहिर अंसारी वहां से चले गए। भाजपा नेताओं का आरोप है कि मुआवजा देने में धर्म के आधार पर भेदभाव किया जा रहा है मुस्लिम पीड़ित को अधिक और हिन्दू पीड़ित को कम मुआवजा दिलाया गया। वहीं इस मामले में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप साही ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक से फोन पर बात कर इस घटना को हत्या के समान बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब ग्रामीणों ने अवैध बालू लदे सात ट्रैक्टर पकड़े थे, तो वे कैसे छूट गए। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार पर अवैध बालू कारोबार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और ताहिर अंसारी को बालू माफिया तक कहा।
वहीं, इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए जेएमएम नेता ताहिर अंसारी ने भानु प्रताप साही पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि चोर मचाए शोर और खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे जैसी स्थिति है। ताहिर अंसारी ने आरोप लगाया कि भानु प्रताप साही केवल हिन्दू पीड़ितों के घर जाते हैं, मुस्लिम परिवारों के प्रति उनकी संवेदनशीलता नहीं दिखती। ताहिर अंसारी ने यह भी कहा कि वे हर दुर्घटना में पीड़ितों को मुआवजा दिलाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि हिन्दू युवक के परिवार को एक लाख से अधिक की सहायता दिलाई गई है, जबकि मुस्लिम पीड़ित के मामले में सात लाख रुपये तय हुए थे, जिनमें से अब तक केवल दो लाख रुपये ही परिवार को मिल पाए हैं। गौरतलब है कि ताहिर अंसारी का एक पुराना वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने विवादित बयान दिया था। फिलहाल, पूरे मामले के बीच गढ़वा जिले में अवैध बालू का कारोबार लगातार बढ़ता नजर आ रहा है, जो प्रशासन और कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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