जमशेदपुर:
गोलमुरी के केनरा बैंक में हुई डकैती के बाद बिष्टुपुर पुलिस ने रविवार को थाना क्षेत्र के सरकारी और निजी बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में उन सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल पर विशेष चर्चा हुई, जिनमें चूक अपराधियों को बैंक को निशाना बनाने का मौका दे सकती है। थाना प्रभारी निरंजन कुमार ने बैंक प्रबंधन को सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने और सभी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया।
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पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित गार्ड रखने का निर्देश
बैठक के दौरान बैंकों में सुरक्षा गार्ड की संख्या, उनकी तैनाती और सतर्कता की समीक्षा की गई। बैंक के आकार, ग्राहकों की संख्या और कैश ट्रांजेक्शन के अनुरूप पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित गार्ड रखने को कहा गया। गार्ड की निगरानी केवल मुख्य प्रवेश द्वार तक सीमित न रखते हुए बैंक के संवेदनशील हिस्सों में भी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
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CCTV और अलार्म सिस्टम की होगी नियमित जांच
पुलिस ने बैंकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की संख्या, लोकेशन, रिकॉर्डिंग और फुटेज को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की भी समीक्षा की। इसके अलावा पैनिक अलार्म और इमरजेंसी अलार्म की कार्यशीलता जांचने का निर्देश दिया गया। खास तौर पर यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि आपात स्थिति में अलार्म की सूचना सीधे पुलिस थाने तक पहुंचे। गोलमुरी के केनरा बैंक डकैती के दौरान इमरजेंसी अलार्म का थाने से कनेक्ट नहीं होना सामने आया था। इसके कारण वारदात की सूचना तत्काल पुलिस तक नहीं पहुंच सकी। पुलिस ने बैंकों को ऐसी तकनीकी खामियों को तत्काल दूर करने का निर्देश दिया।
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स्ट्रांग रूम और कैश ट्रांसपोर्टेशन पर विशेष निगरानी
स्ट्रांग रूम, कैश काउंटर और कैश ट्रांसपोर्टेशन की सुरक्षा को लेकर निर्धारित प्रोटोकॉल के पालन पर भी जोर दिया गया। अनधिकृत लोगों की पहुंच रोकने के साथ नकदी की आवाजाही और स्ट्रांग रूम की सुरक्षा पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा एटीएम, बैंक के प्रवेश और निकासी द्वार तथा बैंक के बाहर की गतिविधियों की निगरानी बढ़ाने को कहा गया। संदिग्ध वाहनों और लंबे समय तक बैंक के आसपास खड़े रहने वाले लोगों पर भी नजर रखने का निर्देश दिया गया।
बैंक खुलने और बंद होने के समय अतिरिक्त सतर्कता
पुलिस ने बैंक के ऑपरेटिंग और क्लोजिंग टाइम को संवेदनशील मानते हुए इन दोनों समयों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा। बैंक के आसपास रेकी करने वाले किसी संदिग्ध व्यक्ति या वाहन के दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने का निर्देश दिया गया। सुरक्षा गार्ड और बैंक कर्मचारियों की नियमित ट्रेनिंग, ब्रीफिंग और वेरिफिकेशन अपडेट रखने पर भी जोर दिया गया। आपात स्थिति में अलार्म सक्रिय करने, पुलिस को सूचना देने और ग्राहकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की प्रक्रिया सभी कर्मचारियों को पता होनी चाहिए।
साइबर फ्रॉड और संदिग्ध ट्रांजैक्शन पर भी चर्चा
बैठक में साइबर क्राइम, डिजिटल फ्रॉड और संदिग्ध ट्रांजैक्शन की रोकथाम पर भी चर्चा हुई। प्रत्येक बैंक में नोडल ऑफिसर और पुलिस इमरजेंसी कॉन्टैक्ट की व्यवस्था प्रभावी रखने को कहा गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस और बैंक के बीच तत्काल समन्वय स्थापित हो सके।
सुरक्षा ऑडिट कर कमियां दूर करने का निर्देश
अंत में पुलिस ने सभी बैंकों को अपनी सुरक्षा व्यवस्था का ऑडिट करने का निर्देश दिया। सीसीटीवी, अलार्म, सुरक्षा गार्ड, कैश सिक्योरिटी और एंट्री-एग्जिट से जुड़ी कमियों को निर्धारित समय में दूर करने को कहा गया। पुलिस-बैंक समन्वय मजबूत करने के लिए नियमित फॉलोअप और जरूरत के अनुसार मॉक ड्रिल कराने पर भी जोर दिया गया।