द फॉलोअप डेस्क
पलामू पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस द्वारा जिले के दो थाना क्षेत्रों में अफीम (पोस्ता) और गांजा जैसी अवैध नशीली फसलों की खेती रोकने तथा किसानों को वैकल्पिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के तहत सबसे पहले पिपराटांड़ थाना क्षेत्र के ग्राम गिरी में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बीडीओ, प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं स्थानीय मुखिया उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान किसानों को नशीली फसलों की खेती से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और कानूनी दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें वैकल्पिक फसलों जैसे धान, गेहूं, चना, सरसों, मसूर, ज्वार, सोयाबीन आदि की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इसी क्रम में पांकी थाना क्षेत्र के ग्राम हेडूम और गड़ीहारा में विशेष जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। इस दौरान केकरगढ़ पंचायत के कई गांवों के महिलाएं, पुरुष, युवा, पंचायत प्रतिनिधि एवं पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में ग्रामीणों को बताया गया कि अवैध नशीली फसलों की खेती एक दंडनीय अपराध है और इसमें संलिप्त पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती है। किसानों को वैकल्पिक, लाभकारी और सुरक्षित खेती की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया गया।
अभियान के अंत में सभी उपस्थित ग्रामीणों ने अफीम और गांजा की खेती नहीं करने की शपथ ली। पलामू पुलिस का यह अभियान जिले में अवैध नशीली फसलों के उन्मूलन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल है। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य है कि किसान वैकल्पिक खेती अपनाकर कानूनी जोखिमों से मुक्त होकर एक समृद्ध और सुरक्षित जीवन जी सकें।
