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निखार हत्याकांड की कड़ियां खंगाल रही पुलिस, मीडिया कार्यालय और मुख्य आरोपी राघव के घर में जांच

निखार हत्याकांड की कड़ियां खंगाल रही पुलिस, मीडिया कार्यालय और मुख्य आरोपी राघव के घर में जांच

द फॉलोअप, जमशेदपुर:

जमशेदपुर के सोनारी में सोमवार को सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम जिले की संयुक्त पुलिस टीम ने एक डिजिटल मीडिया कार्यालय और निखार सबलोक हत्याकांड के मुख्य आरोपी अशोक सिंह राघव के पुश्तैनी मकान की जांच की। टीम में सरायकेला, चौका, सोनारी और बिष्टुपुर थाना की पुलिस शामिल थी। पुलिस ने दोनों स्थानों पर दस्तावेजों के साथ अन्य संभावित साक्ष्यों की भी पड़ताल की। पुलिस टीम दोपहर करीब दो बजे सोनारी पोस्ट ऑफिस रोड के पीछे स्थित डिजिटल मीडिया कार्यालय पहुंची। करीब डेढ़ घंटे तक कार्यालय में दस्तावेजों की जांच की गयी और वहां मौजूद संबंधित कर्मियों से पूछताछ की गयी। करीब 3.30 बजे टीम कार्यालय से निकलकर सोनारी सरदार अखाड़ा के पीछे स्थित अशोक सिंह राघव के पुश्तैनी मकान पहुंची।

उत्तर प्रदेश से आये दो शूटरों ने निखार को गोली मारी थी

वहां भी पुलिस ने विभिन्न दस्तावेजों और संभावित साक्ष्यों की जांच की। बताया जा रहा है कि इस पूछताछ के दौरान अशोक सिंह राघव की पत्नी भी मौजूद थी।पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई 24 अगस्त को चांडिल थाना क्षेत्र के टेंथ माइल स्टोन होटल में हुई कारोबारी निखार सबलोक की हत्या की जांच से जुड़ी है। होटल में उत्तर प्रदेश से आये दो शूटरों ने निखार सबलोक को गोली मारी थी। गंभीर हालत में उन्हें जमशेदपुर के टीएमएच लाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी थी। हत्याकांड के बाद पुलिस ने जमीन कारोबार, आपसी रंजिश और आपराधिक गिरोहों से जुड़े संभावित एंगल पर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस ने अशोक सिंह राघव को मुख्य आरोपियों में शामिल किया।

हत्याकांड से जुड़े लोगों के आपसी संपर्क

पुलिस के अनुसार, राघव के मोबाइल से निखार सबलोक की तस्वीर मिली थी। इसके अलावा एक आरोपी को रुपये ट्रांसफर किये जाने से जुड़े साक्ष्य भी पुलिस को मिले थे। इस मामले में राघव समेत छह आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। इसके बाद दो अन्य शूटरों और बंगाल में तैनात एक पुलिस सार्जेंट की गिरफ्तारी भी हुई थी। पुलिस अब हत्याकांड से जुड़े लोगों के आपसी संपर्क, आर्थिक लेन-देन और अन्य गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। हालांकि, सोमवार को डिजिटल मीडिया कार्यालय और राघव के पुश्तैनी मकान में हुई जांच के दौरान पुलिस को क्या-क्या मिला या कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई या नहीं, इसकी आधिकारिक जानकारी देर शाम तक सामने नहीं आयी थी। पुलिस की कार्रवाई को हत्याकांड की जांच में मिले नये साक्ष्यों और संपर्कों की पड़ताल से जोड़कर देखा जा रहा है।

Tags - murder case jamshedpur police Examination of evidence Criminal gangs