द फॉलोअप डेस्क
जमशेदपुर शहर में बढ़ते अपराध ने पुलिस को सख्त रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है। इसी क्रम में शुक्रवार को एसएसपी पीयूष पांडेय की अध्यक्षता में मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित हुई। बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर, सभी डीएसपी और शहरी क्षेत्र के थाना प्रभारियों ने भाग लिया।
बैठक में खास तौर पर ड्रग्स तस्करी, अवैध हथियारों की सप्लाई और लंबे समय से लंबित मुकदमों पर गंभीर चिंता जताई गई। एसएसपी ने साफ कहा कि अब कार्रवाई कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि परिणाम धरातल पर दिखना चाहिए।.jpg)
ड्रग्स नेटवर्क पर पूर्ण रोक लगाने का निर्णय बैठक का मुख्य केंद्र रहा। शहर में सक्रिय ड्रग्स पैडलर्स और उनसे जुड़े नेटवर्क पर विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। तस्करी की हर कड़ी तक पहुंचने और इस अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने की रणनीति तैयार की गई है।
इसी क्रम में अवैध हथियारों की सप्लाई और उपयोग पर भी सख्ती बरतने का फैसला लिया गया। हथियारों की बरामदगी, सप्लाई चैन की पहचान और इससे जुड़े अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए तेजी से अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में यह भी तय हुआ कि लंबित मामलों के निष्पादन में किसी प्रकार की देरी अब स्वीकार्य नहीं होगी। पुराने मामलों की समीक्षा, वारंट और कुर्की की त्वरित कार्रवाई, फरार और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी को प्राथमिकता पर रखा गया है।
इसके साथ ही पासपोर्ट सत्यापन, चरित्र प्रमाण पत्र निर्गम और सिटीजन पोर्टल से संबंधित मामलों की प्रगति पर भी लगातार नजर रखने और सुधार के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों की कार्यशैली की नियमित समीक्षा करने की बात कही है।
गौरतलब है कि बीते कुछ महीनों में शहर में अवैध कारोबार तेजी से बढ़ा है। ड्रग्स और अवैध हथियारों का नेटवर्क युवाओं को अपराध की ओर धकेल रहा है। इसके सीधे असर के रूप में शहर के अपराध ग्राफ में तेज उछाल दर्ज किया गया है।
अब पुलिस ने संकेत दे दिया है कि अपराधियों के लिए शहर में जगह नहीं। ड्रग्स और हथियारों के इस काले कारोबार पर शिकंजा कसना प्राथमिकता है और इसका असर जल्द ही शहर में दिखने की उम्मीद है।